Bihar News: भागलपुर सेंट्रल जेल के कैदी की मायागंज अस्पताल में मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
Bihar News: भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद बेगूसराय के कैदी राजीव कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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बेगूसराय जिले के एक कैदी की भागलपुर सेंट्रल जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
पिछले सात साल से जेल में बंद था कैदी
मृतक कैदी की पहचान बेगूसराय जिले के बिहटा निवासी भोला सिंह के 45 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजीव कुमार पिछले सात वर्षों से भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम जेल में अचानक उसके पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। जेल प्रशासन की ओर से उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए आरोप
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मायागंज अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल परिसर में राजीव कुमार का शव देखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण राजीव की जान चली गई। मृतक के रिश्तेदार रामविलास शर्मा ने बताया कि राजीव पिछले सात वर्षों से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था, लेकिन आज तक उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि बुधवार की शाम अचानक जेल प्रशासन की ओर से फोन कर सूचना दी गई कि राजीव के पेट में तेज दर्द है और वह काफी बेचैन है। जब परिजन भागलपुर पहुंचे तो देखा कि मायागंज अस्पताल में उसका शव पड़ा हुआ है। इस घटना को लेकर परिजनों में काफी आक्रोश है।
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'मौत के 20 घंटे बाद हुआ पोस्टमार्ट'
परिजनों का यह भी आरोप है कि मौत के करीब 20 घंटे बाद शनिवार को राजीव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। परिजनों ने कहा कि इस पूरे मामले में जेल प्रशासन और जिला प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। बताया जा रहा है कि मृतक राजीव कुमार के परिवार में एक बेटी है। पिता की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल है।
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