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Bihar News:रातभर मलबे में तड़पती रही महिला, सुबह निकला शव; सात बच्चों के सिर से उठा ममता का साया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 08:00 PM IST
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सार
भागलपुर के गोराडीह थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली का खंभा झोपड़ी पर गिरने से रंजू देवी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के समय वह अपने पति के साथ गोशाला में सो रही थीं। खंभा गिरने के बाद वह करीब तीन घंटे तक मलबे में दबी रहीं, लेकिन खराब मौसम और बिजली के खतरे के कारण समय पर राहत कार्य नहीं हो सका।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बिजली का खंभा झोपड़ी पर गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान गुजाली मंडल की पत्नी रंजू देवी (40) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।
गोशाला में सो रहे थे पति-पत्नी
बताया जा रहा है कि रंजू देवी अपने पति के साथ गोशाला में सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बिजली का खंभा और उससे जुड़ा ढांचा बरामदे पर आ गिरा। इसकी चपेट में आने से रंजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
तीन घंटे तक मलबे में दबी रही महिला
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा, लगातार बारिश और बिजली के खतरे की वजह से तुरंत राहत कार्य नहीं हो सका। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रंजू देवी करीब तीन घंटे तक मलबे और गिरे हुए ढांचे के नीचे दबी हुई दर्द से तड़पती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों ने रात में ही उन्हें निकालने का प्रयास किया, लेकिन खराब हालात के कारण कोई सफल नहीं हो सका।
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सुबह पहुंची पुलिस और बिजली विभाग की टीम
सुबह करीब पांच बजे पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बिजली आपूर्ति को सुरक्षित किया गया और ग्रामीणों की मदद से गिरे हुए खंभे व मलबे को हटाया गया। जब तक रंजू देवी को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पति ने बताई हादसे की पूरी कहानी
मृतका के पति गुजाली मंडल ने बताया कि दोनों सो रहे थे, तभी तेज आंधी और बारिश के बीच बिजली का खंभा बरामदे पर गिर पड़ा। उन्होंने पत्नी को बचाने और जगाने की कोशिश की, लेकिन वह खंभे और मलबे के नीचे दब चुकी थीं।
ये भी पढ़ें- पटना की मंडी में भीषण आग, कपूर और पूजा सामग्री की दुकान जलकर खाक; लाखों का नुकसान
सात बच्चों को छोड़ गई रंजू देवी
रंजू देवी अपने पीछे सात बच्चों को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सूचना मिलने के बाद गोराडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
गोशाला में सो रहे थे पति-पत्नी
बताया जा रहा है कि रंजू देवी अपने पति के साथ गोशाला में सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान बिजली का खंभा और उससे जुड़ा ढांचा बरामदे पर आ गिरा। इसकी चपेट में आने से रंजू देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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तीन घंटे तक मलबे में दबी रही महिला
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने महिला को बचाने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा, लगातार बारिश और बिजली के खतरे की वजह से तुरंत राहत कार्य नहीं हो सका। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रंजू देवी करीब तीन घंटे तक मलबे और गिरे हुए ढांचे के नीचे दबी हुई दर्द से तड़पती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों ने रात में ही उन्हें निकालने का प्रयास किया, लेकिन खराब हालात के कारण कोई सफल नहीं हो सका।
सुबह पहुंची पुलिस और बिजली विभाग की टीम
सुबह करीब पांच बजे पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बिजली आपूर्ति को सुरक्षित किया गया और ग्रामीणों की मदद से गिरे हुए खंभे व मलबे को हटाया गया। जब तक रंजू देवी को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पति ने बताई हादसे की पूरी कहानी
मृतका के पति गुजाली मंडल ने बताया कि दोनों सो रहे थे, तभी तेज आंधी और बारिश के बीच बिजली का खंभा बरामदे पर गिर पड़ा। उन्होंने पत्नी को बचाने और जगाने की कोशिश की, लेकिन वह खंभे और मलबे के नीचे दब चुकी थीं।
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सात बच्चों को छोड़ गई रंजू देवी
रंजू देवी अपने पीछे सात बच्चों को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सूचना मिलने के बाद गोराडीह थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।