बिहार: भाजपा में शामिल हुए दो निर्दलीय एमएलसी की सदस्यता पर संकट! महागठबंधन ने सभापति से की शिकायत
बिहार में निर्दलीय विधान पार्षद डॉ. राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की भाजपा सदस्यता को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। महागठबंधन ने दोनों पर भाजपा की सदस्यता लेने का आरोप लगाते हुए विधान परिषद के सभापति से उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की है।
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बिहार की राजनीति में निर्दलीय विधान परिषद सदस्यों डॉ. राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दोनों पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने का आरोप लगाते हुए महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विधान परिषद के सभापति से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए सभापति को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान राजद के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव जीते अभी कुछ ही दिन हुए थे और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके अनुसार, दोनों नेताओं ने खुद सार्वजनिक रूप से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता लेने की बात कही थी। इसकी तस्वीरें भी मीडिया में सामने आई थीं।
सिद्दीकी ने कहा कि संविधान और नियमों के प्रावधानों के तहत चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करने पर उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इसी आधार पर सभापति को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
एआई के जरिए तस्वीरें बनाए जाने के आरोप को किया खारिज
मीडिया से बातचीत के दौरान अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से जुड़ी तस्वीरों को एआई से तैयार किए जाने या उन्हें महज समर्थन का मामला बताए जाने की बात को भी खारिज किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जिस दिन दोनों नेताओं ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी, उस दिन की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उसके बाद मीडिया में प्रकाशित खबरों को देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दोनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता नहीं ली थी तो उस दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया था और उन्हें सदस्यता किसने दिलाई थी?
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सिद्दीकी ने कहा कि उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में भी इसकी खबरें प्रकाशित हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने शुरुआत में भाजपा में शामिल होने की बात सार्वजनिक रूप से कही, लेकिन अब सवाल उठने पर इससे इनकार कर रहे हैं। सिद्दीकी ने कहा कि नियमों के तहत इस मामले में दोनों की विधान परिषद सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। अब इस मामले में सभापति के स्तर से होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।