बिहार: कांग्रेसी और पुलिस के बीच धक्का मुक्की, चुनाव आयुक्त का पुतला लेकर प्रदर्शन कर रहे; जानिए पूरा मामला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं। आज पटना में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। बात इतनी बढ़ गई कि इन्हें रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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पटना में कांग्रेसी सड़क पर उतर गए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्णयों के विरोध में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज राम, सांसद पप्पू यादव समेत सैकड़ौं कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता आर ब्लॉक से राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास जा रहे थे लेकिन विधानसभा से पहले ही पटना पुलिस की टीम ने इन्हें रोक लिया। कांग्रेस के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयुक्त का पुतला लेकर बैरिकेडिंग पर चढ़ कर और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन जब कांग्रेसियों ने बात नहीं मानी तो वाटरकैनन का इस्तेमाल किया। इस बीच कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई। कांग्रेस नेता वोट 'चोर चुनाव आयोग छोड़ का नारा' लगाने लगे।
बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की पोल खुल चुकी है। उनके एकतरफा निर्णयों से किसी एक पार्टी को लाभ पहुंचा है। लोकतंत्र को तार तार करने की कोशिश की गई। चुनाव में गड़बड़ी हुई। वोट चोरी हुई। इसके विरोध में आज बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से आर. ब्लॉक, चाणक्य होटल से राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय विरोध प्रदर्शन एवं मार्च का आयोजन किया गया था। लेकिन, सरकार ने हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की। वाटर कैनन का प्रयोग किया गया। यह गलत है।
पप्पू यादव बोले- लोकतंत्र और संविधान की हत्या की है
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने चुनाव आयोग को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोट की चोरी कर लोकतंत्र और संविधान की हत्या की है। पप्पू यादव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरा है और इसके खिलाफ महाजंग की जरूरत है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि दलित, ईबीसी, एससी, एसटी और ओबीसी समेत अन्य वर्गों के करोड़ों वोट काटे गए। पप्पू यादव ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर हैं, तब तक विपक्ष को चुनाव के बहिष्कार पर विचार करना चाहिए। उन्होंने महाभियोग की मांग भी उठाई। पप्पू यादव ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई आर-पार की होगी। उन्होंने विधानसभा भंग करने की मांग भी उठाई।