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बिहार: मोतिहारी शिक्षा विभाग में 60 लाख का फर्जीवाड़ा, दो कर्मियों पर केस दर्ज

Thu, 29 Oct 2026 06:41 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 29 Oct 2026 06:41 AM IST
सार

शिक्षा विभाग के एचआरएमएस पोर्टल से करीब 60 लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। निजी और रिश्तेदारों के खातों में राशि ट्रांसफर करने के आरोप में दो कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

 

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Bihar: Rs 60 lakh fraud in Motihari Education Department; case registered against two employees
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा विभाग में एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से करीब 60 लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी राशि के भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए बने पोर्टल का दुरुपयोग कर निजी और रिश्तेदारों के खातों में राशि स्थानांतरित करने के आरोप में दो कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने नगर थाने में आवेदन देकर डीपीओ स्थापना कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर अमन कुमार और कार्यालय में प्रतिनियुक्त एक मदरसा शिक्षक को नामजद किया है। नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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निजी खातों में भेजी गई राशि
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 से सरकारी राशि को अवैध तरीके से अपने और अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजा जा रहा था। इस धोखाधड़ी में शामिल एक कर्मी ने अपने तथा अपनी पत्नी के खाते में पैसे ट्रांसफर किए, जबकि दूसरे कर्मी ने अपने और अपनी बहन के बैंक खाते में राशि स्थानांतरित की। प्रारंभिक जांच में अब तक लगभग 60 लाख रुपये के अवैध हस्तांतरण का पता चला है। विभागीय स्तर पर यह भी जांच की जा रही है कि कुल कितनी राशि का गलत तरीके से लेनदेन हुआ है और इसके लिए किन तकनीकों और प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया।

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विभागीय निगरानी पर उठे सवाल
मामले के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2024 से लगातार पोर्टल से अवैध लेनदेन हो रहा था, लेकिन नियमित समीक्षा और भुगतान रिकॉर्ड की जांच में यह गड़बड़ी लंबे समय तक पकड़ में नहीं आई। विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग की कमियों को लेकर भी अब पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि रिकॉर्ड के मिलान के दौरान इस अनियमितता को इतने महीनों तक कैसे अनदेखा किया गया।

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पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत मिलने के बाद नगर थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस की जांच टीम बैंक खातों के विवरण, एचआरएमएस पोर्टल की लॉग इन हिस्ट्री, भुगतान की प्रक्रिया और विभागीय स्तर पर हुई चूक जैसे पहलुओं की जांच में जुटी है। पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों ही जांच पूरी होने के बाद वित्तीय अनियमितता की सटीक राशि और संबंधित कर्मियों की वास्तविक भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं।

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