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Bihar: आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान निलंबित, जांच के बाद बड़ी कार्रवाई

Wed, 08 Jul 2026 03:01 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Wed, 08 Jul 2026 03:01 PM IST
सार

दरभंगा के केवटी के पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान को आय से 81.03% अधिक संपत्ति मामले में ग्रामीण विकास विभाग ने निलंबित कर दिया है। SVU की जांच में करीब 89.13 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था। अब प्रखंड प्रमुख पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।

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Bihar Corruption Crackdown Former BDO Suspended Over Disproportionate Assets Case
चन्द्रमोहन पासवान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बिहार के दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान को आय से अधिक संपत्ति के मामले में ग्रामीण विकास विभाग ने निलंबित कर दिया है। इससे पहले सरकार ने उन्हें पद से हटाया था। विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच में आय से अधिक संपत्ति के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है।
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SVU की छापेमारी में सामने आई करोड़ों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
दरअसल, केवटी में पदस्थापना के दौरान चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर SVU की टीम ने 27 मई को दरभंगा और मधुबनी स्थित उनके छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच के दौरान टीम को नकदी, जमीन से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख मिले थे, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए अपने साथ ले जाया गया। प्रारंभिक जांच में करीब 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया था।
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सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच
बताया जाता है कि सामाजिक कार्यकर्ता इकबाल अंसारी ने SVU और ग्रामीण विकास विभाग से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि तत्कालीन बीडीओ ने सरकारी योजनाओं में अनियमितता बरतते हुए मनमाने तरीके से सरकारी राशि का भुगतान कराया और वित्तीय गड़बड़ियां कीं। इसी शिकायत के आधार पर विशेष निगरानी इकाई ने जांच शुरू की थी।
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शिकायतकर्ता पर भी दर्ज हुआ था मामला
एसवीयू की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी के खिलाफ केवटी प्रखंड प्रमुख की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्राथमिकी दर्ज होने के चार से पांच दिनों के भीतर पुलिस ने इकबाल अंसारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

प्रखंड प्रमुख पर भी कार्रवाई की मांग तेज
पूर्व बीडीओ के निलंबन के बाद अब क्षेत्र में प्रखंड प्रमुख की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकारी राशि के कथित गलत भुगतान के मामले में दरभंगा के तत्कालीन जिलाधिकारी कौशल कुमार ने प्रखंड प्रमुख से 13 लाख रुपये की वसूली का निर्देश दिया था। साथ ही उन्हें पद से हटाने की अनुशंसा प्रमंडलीय आयुक्त को भेजी गई थी। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने भी जांच के आधार पर पंचायती राज विभाग को प्रखंड प्रमुख को पद से हटाने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। अब स्थानीय लोगों की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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