Bihar: औरंगाबाद में भक्ति के रंग में रंगा शहर, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब
औरंगाबाद में ईस्कान के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। पंचदेव धाम मंदिर से शुरू होकर ईस्कॉन मंदिर तक पहुंची इस यात्रा में तीन हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए।
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अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ईस्कान), औरंगाबाद के तत्वावधान में शनिवार को भगवान जगन्नाथ, बलदेव और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। दोपहर तीन बजे शहर के बाइपास स्थित पंचदेव धाम मंदिर से शुरू हुई यह दिव्य यात्रा शाम को फार्म मोड़ स्थित ईस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। रथयात्रा में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक संकीर्तन किया।
रामानंद कृष्ण चैतन्य स्वामी के आशीर्वचनों से हुआ शुभारंभ
रथयात्रा का शुभारंभ रामानंद कृष्ण चैतन्य स्वामी के आशीर्वचनों और उनके करकमलों से हुआ। इस अवसर पर ईस्कॉन, गया के अध्यक्ष जगदीश श्याम, रेडक्रॉस के चेयरमैन सतीश सिंह, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता के साथ शहर के गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेकर रथयात्रा की शुरुआत की।
इन मार्गों से होकर निकली रथयात्रा
रथयात्रा पंचदेव धाम मंदिर से निकलकर रमेश चौक, धर्मशाला मोड़, नगर थाना, सिंहा कॉलेज मोड़ होते हुए फार्म मोड़ स्थित ईस्कॉन मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालु मृदंग, करताल और हरिनाम संकीर्तन के साथ नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। "हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे... हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे..." महामंत्र की गूंज से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
रथयात्रा के दौरान शहर के कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोगों ने भगवान जगन्नाथ के दिव्य दर्शन किए और रथ की पवित्र रस्सी खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस किया।
रथ की रस्सी खींचना माना जाता है शुभ
वैदिक परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होना, रथ का दर्शन करना और उसकी रस्सी खींचना अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक कल्याणकारी माना जाता है। इस आयोजन ने शहर में प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी दिया।
महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
पूरे रथयात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के बीच भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद वितरित किया गया। यात्रा के समापन पर ईस्कॉन मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में ईस्कॉन के भक्तों, स्वयंसेवकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रशासन और शहरवासियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।