बिहार: कुख्यात विक्की मेहता हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; जानिए क्यों की गई थी हत्या?
मधेपुरा के पुरैनी में विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। 14 सितंबर को नया टोला चौक पर गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
विस्तार
मधेपुरा के पुरैनी थाना क्षेत्र के नया टोला चौक पर 14 सितंबर की शाम गोली मारकर की गई विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) की हत्या का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पुरैनी थाना क्षेत्र के बघरा निवासी ललन कुमार उर्फ शेठु (21), चौसा थाना क्षेत्र के रसलपुर धुरिया निवासी नीतिश कुमार (20), पुरैनी के नया टोला निवासी श्रीधर मंडल (55) और पूर्णिया जिले के रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के मोजमपट्टी निवासी अखिलेश कुमार यादव (40) शामिल हैं।
अपराधियों ने षड्यंत्र कर विक्की की हत्या कर दी थी
एसपी डॉ. संदीप सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि 14 सितंबर को नया टोला चौक, उदाकिशुनगंज-नवगछिया रोड पर अपराधियों ने षड्यंत्र कर विक्की मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के बयान पर पुरैनी थाना में नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर उदाकिशुनगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने लगातार छापेमारी के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 16 सितंबर को चारों को गिरफ्तार किया गया।
एक देसी कट्टा और 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में विक्की मेहता की हत्या में संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और विक्की मेहता के बढ़ते प्रभाव के कारण उसकी हत्या की गई। आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा और 8 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में अलग से प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अखिलेश कुमार यादव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रघुवंशनगर थाना में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, मृतक विक्की मेहता का भी पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। कार्रवाई में उदाकिशुनगंज, चौसा, पुरैनी और अरार थाना की पुलिस के साथ तकनीकी शाखा और एसओजी-12 (एसटीएफ) की टीम शामिल रही।
ये भी पढ़ें- बिहार: इंजीनियर के पास लिफ्ट वाला बंगला, फ्लैट, जमीन, जेवर मिले, पत्नी-सास के नाम पर करोड़ों की संपत्ति
दरअसल, 14 सितंबर की शाम विक्की मेहता गांव में ही स्कूल की बाउंड्री के निर्माण का काम देखकर लौट रहे थे। यह काम मनरेगा से करवाया जा रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए 8-10 की संख्या में अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। विक्की मेहता ने भागने की कोशिश की, लेकिन करीब 100 मीटर तक उन्हें खदेड़कर अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
मामले में विक्की मेहता की भाभी और नरदह पंचायत की मुखिया रीता कुमारी के बयान पर पुरैनी थाना में पांच नामजद और 8 से 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मृतक विक्की मेहता का भी लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ मधेपुरा और आसपास के जिलों के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे।