फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   maharani kanwariya seva sangh free service camp on sultanganj baba baidyanath dham kanwar route

Bihar: बाबा धाम की राह में भोले के फरिश्ते! 15 साल से कांवरियों की निशुल्क सेवा, भोजन से इलाज तक हर सुविधा

Mon, 03 Aug 2026 10:11 AM IST
भागलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांका Published by: भागलपुर ब्यूरो Updated Mon, 03 Aug 2026 10:11 AM IST
सार

सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक की कांवड़ यात्रा में सेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए बांका के इनारावरण स्थित महारानी कांवरिया सेवा संघ पिछले 15 वर्षों से शिवभक्तों की नि:शुल्क सेवा कर रहा है। यहां कांवरियों को भोजन, पेयजल, चाय, ओआरएस, गर्म पानी, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

विज्ञापन

विस्तार

सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम तक की कांवड़ यात्रा केवल आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का भी अद्भुत संगम है। बांका जिले के इनारावरण स्थित कांवड़ पथ पर पिछले 15 वर्षों से महारानी कांवरिया सेवा संघ हजारों शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा कर रहा है। यहां कांवरियों को भोजन, पेयजल, चाय, ओआरएस, गर्म पानी, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सभी सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

विज्ञापन

15 वर्षों से लगातार लग रहा सेवा शिविर

इनारावरण स्थित कांवड़ पथ पर सावन के महीने में हर ओर 'बोल बम' के जयघोष गूंजते हैं। इसी पवित्र मार्ग पर महारानी कांवरिया सेवा संघ का सेवा शिविर भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। संघ पिछले 15 वर्षों से लगातार इस शिविर का संचालन कर रहा है। यहां आने वाले प्रत्येक कांवरिये को बिना किसी भेदभाव के भोजन, पेयजल, चाय, ओआरएस, गर्म पानी, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

विज्ञापन

एक प्रेरणा ने बदल दी जिंदगी

महारानी कांवरिया सेवा संघ के संस्थापक शशि शंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह बताते हैं कि वर्ष 2009 की कांवड़ यात्रा के दौरान एक अजनबी की कही गई बात ने उनकी सोच बदल दी। उस व्यक्ति ने उनसे कहा था कि यदि स्वयं बाबा धाम की यात्रा पूरी नहीं कर सकते, तो कांवरियों की सेवा करें। भगवान शिव इससे भी प्रसन्न होते हैं। यही प्रेरणा उनके जीवन का उद्देश्य बन गई और वर्ष 2010 में महारानी कांवरिया सेवा संघ की स्थापना की गई। तब से हर सावन में यहां सेवा शिविर लगाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिन-रात सेवा में जुटे रहते हैं स्वयंसेवक

शिविर में स्वयंसेवक दिन-रात पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा में लगे रहते हैं। कोई कांवरियों को भोजन परोसता है, कोई पानी पिलाता है तो कोई प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराता है। लंबी यात्रा से थक चुके श्रद्धालुओं के लिए आराम करने की भी समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि वे कुछ देर विश्राम करने के बाद अपनी यात्रा फिर से शुरू कर सकें।

'कांवरियों की सेवा ही भोलेनाथ की सबसे बड़ी पूजा'

संघ के संजय कुमार सिन्हा, रवि सिंह और अन्य सदस्यों का कहना है कि उनके लिए कांवरियों की सेवा ही भगवान शिव की सबसे बड़ी पूजा है। उन्होंने बताया कि इसी भावना के कारण हर वर्ष समाज के अधिक से अधिक लोग इस सेवा अभियान से जुड़ रहे हैं और अपना योगदान दे रहे हैं।

भक्ति, सेवा और समर्पण का बना प्रतीक

महारानी कांवरिया सेवा संघ का यह शिविर केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने का केंद्र नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बन चुका है। यहां हर शिवभक्त का स्वागत श्रद्धा, सम्मान और अपनत्व के साथ किया जाता है। यही सेवा भावना इस शिविर को कांवड़ यात्रा की एक अलग और प्रेरणादायी पहचान देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed