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Bihar: रेडियो ऑपरेटर भर्ती ठगी जांच ईओयू को सौंपने की तैयारी, 15 गिरफ्तारी के बाद बड़े नेटवर्क की पड़ताल तेज
Wed, 01 Jul 2026 10:03 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:03 PM IST
सार
रेडियो ऑपरेटर प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस अब जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपने की तैयारी कर रही है। अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार मामला पेपर लीक का नहीं, बल्कि नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की ठगी का है। जांच में छह जिलों तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
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प्रेस कांफ्रेस में जानकारी देते एसपी भानु प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Bihar News: खगड़िया में रेडियो ऑपरेटर प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े करोड़ों रुपये के ठगी रैकेट की जांच अब और गहराई से होगी। 15 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द ही औपचारिक सिफारिश भेजी जाएगी।
'पेपर लीक नहीं, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी'
एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मामला पेपर लीक या परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी का नहीं है। गिरोह नौकरी दिलाने और चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 5 से 7 लाख रुपये तक वसूलता था। इसी आधार पर संगठित ठगी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
6 जिलों तक फैला मिला गिरोह का नेटवर्क
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला मिला है। इसके तार खगड़िया, भोजपुर, पटना, वैशाली, नवादा और अरवल से जुड़े पाए गए हैं। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। इसी वजह से मामले की विस्तृत जांच आर्थिक अपराध इकाई से कराने की जरूरत महसूस की गई है।
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6 जिलों में छापेमारी, 15 आरोपी गिरफ्तार
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने छह जिलों में एक साथ छापेमारी कर 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सॉल्वर गैंग के सदस्य, कुछ अभ्यर्थी, एक वीक्षक और एक केंद्राधीक्षक भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
मोबाइल, बैंक चेक और ATM कार्ड समेत कई सबूत मिले
छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, बैंक चेक, एटीएम कार्ड, एडमिट कार्ड, वाहन और शैक्षणिक दस्तावेज समेत कई अहम सामान बरामद किए गए हैं। इन डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
यह भी पढ़ें: हार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 36 अधिकारियों के तबादले, जानें किसे कहां मिली जिम्मेदारी
जांच में सामने आ सकते हैं नए नाम
एसपी ने बताया कि जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इन्हीं के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग प्राथमिकी भी दर्ज की जाएंगी, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
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'पेपर लीक नहीं, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी'
एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मामला पेपर लीक या परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी का नहीं है। गिरोह नौकरी दिलाने और चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 5 से 7 लाख रुपये तक वसूलता था। इसी आधार पर संगठित ठगी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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6 जिलों तक फैला मिला गिरोह का नेटवर्क
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला मिला है। इसके तार खगड़िया, भोजपुर, पटना, वैशाली, नवादा और अरवल से जुड़े पाए गए हैं। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। इसी वजह से मामले की विस्तृत जांच आर्थिक अपराध इकाई से कराने की जरूरत महसूस की गई है।
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6 जिलों में छापेमारी, 15 आरोपी गिरफ्तार
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने छह जिलों में एक साथ छापेमारी कर 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सॉल्वर गैंग के सदस्य, कुछ अभ्यर्थी, एक वीक्षक और एक केंद्राधीक्षक भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
मोबाइल, बैंक चेक और ATM कार्ड समेत कई सबूत मिले
छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, बैंक चेक, एटीएम कार्ड, एडमिट कार्ड, वाहन और शैक्षणिक दस्तावेज समेत कई अहम सामान बरामद किए गए हैं। इन डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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जांच में सामने आ सकते हैं नए नाम
एसपी ने बताया कि जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इन्हीं के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग प्राथमिकी भी दर्ज की जाएंगी, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।