Bihar: 3792 करोड़ की फोरलेन पर उद्घाटन से पहले दरार, मुंगेर-मिर्जाचौकी प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क उद्घाटन से पहले ही विवादों में आ गई है। घोरघट और गनगनिया के बीच सड़क में बड़ी दरार और किनारों की मिट्टी धंसने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के महत्वाकांक्षी मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन प्रोजेक्ट पर उद्घाटन से पहले ही सवाल खड़े हो गए हैं। अभी इस सड़क पर पूरी तरह यातायात शुरू भी नहीं हुआ है कि घोरघट और गनगनिया के बीच सड़क में बड़ी दरार पड़ गई है। इसके साथ ही सड़क किनारे की मिट्टी भी लगातार धंस रही है, जिससे लोगों में सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मामला सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
घोरघट और गनगनिया के बीच सड़क में आई दरार
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर सड़क फटी है वहां पिछले कुछ दिनों से मिट्टी धंसने की समस्या देखी जा रही थी। धीरे-धीरे इसका असर सड़क की सतह तक पहुंच गया और फोरलेन सड़क में बड़ी दरार पड़ गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है।
₹3792 करोड़ का है महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट
मुंगेर को भागलपुर और झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र से जोड़ने वाला यह फोरलेन प्रोजेक्ट करीब ₹3792 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। ऐसे में उद्घाटन से पहले ही सड़क में दरार आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है।
लोगों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद मिट्टी धंसने लगी, जिससे सड़क कई जगहों पर फट गई और दरारें आ गईं। गणगनिया के पास सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दरार वाले हिस्से को अस्थायी रूप से सीमेंट से भरवाया, जेसीबी से क्षतिग्रस्त भाग हटवाया और बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान केवल मिट्टी भरकर सड़क बनाई गई, इसलिए वह धंस रही है। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित हिस्से की तकनीकी जांच कर पूरी सड़क को दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाया जाए।
ये भी पढ़ें- हेलीकॉप्टर से पटना देखना है या इन खास जगहों पर घूमना है? बुकिंग शुरू; CM सम्राट ने बताई खूबी
NHAI ने दिए तकनीकी जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अंदर की मिट्टी खिसकने के कारण सड़क में दरार आई है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को पूरे मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सड़क के प्रभावित हिस्से को पूरी तरह हटाकर दोबारा निर्धारित मानकों के अनुसार बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
NHAI का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि सड़क की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित हिस्से का पुनर्निर्माण कराया जाएगा, ताकि परियोजना सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।