Bihar: बाढ़ से पहले गंगा का कहर, मुंगेर में आधा किलोमीटर जमीन नदी में समाई; डीएम ने किया निरीक्षण
मुंगेर के टीका रामपुर में गंगा कटाव से पिछले एक महीने में करीब आधा किलोमीटर कृषि भूमि नदी में समा गई। खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
मुंगेर के टीका रामपुर में गंगा कटाव से पिछले एक महीने में करीब आधा किलोमीटर कृषि भूमि नदी में समा गई। खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
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गंगा नदी के कटाव को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला। बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर अधिकारियों के साथ सदर प्रखंड की मोहली पंचायत स्थित आदर्श ग्राम टीका रामपुर पहुंचे और कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू करने तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
मानसून के बीच संभावित बाढ़ से पहले ही मुंगेर के गंगा तटीय इलाकों में कटाव ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। टीका रामपुर में पिछले एक महीने के दौरान करीब आधा किलोमीटर उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। चंडिका स्थान के समीप लगातार हो रहे कटाव से किसानों की मक्का समेत अन्य फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। पश्चिम दिशा में लगभग आधा किलोमीटर और उत्तर दिशा में करीब 40 फीट भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। अब कटाव गांव की आबादी से महज 300 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि कई बार प्रशासन को सूचना देने के बावजूद समय पर कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया। किसानों रामरूप यादव, सकलदेव मंडल, रूपेश यादव, मनोज बिंद और राजेश कुमार ने आशंका जताई कि यदि शीघ्र स्थायी उपाय नहीं किए गए तो पूरा गांव गंगा के कटाव की चपेट में आ सकता है।
इस बीच नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के मनियारचक गंगा घाट पर भी दोबारा कटाव शुरू हो गया है, जिससे आसपास के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और कटावरोधी कार्य शुरू होने पर टिकी है।