Bomb Threat : बेगूसराय के साथ इस जिले में भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी; सुरक्षा बढ़ी, न्यायालय खाली
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला जज के ई-मेल पर धमकी भेजी गई है। सुरक्षा कारणों से कोर्ट खाली कराया गया।
विस्तार
सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एहतियातन कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है, जिससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पर धमकी भरा मेल भेजा गया था। मेल मिलने के बाद जिला एवं प्रधान न्यायाधीश ने तत्काल इसकी जानकारी एसएसपी मुजफ्फरपुर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हैं और कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है।
सीवान सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, अधिवक्ताओं में हड़कंप, सर्च ऑपरेशन जारी
सीवान जिले में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह जानकारी मंगलवार, दिनांक 28 जनवरी 2026 को अधिवक्ताओं के एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सामने आई, जिसके बाद पूरे न्यायिक परिसर में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'सचिन अधिवक्ता ग्रुप' में एक संदेश वायरल हुआ, जिसमें बताया गया कि सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस संदेश में सभी सम्मानित अधिवक्ता बंधुओं से अपील की गई कि वे सुरक्षा कारणों से सिविल कोर्ट कैंपस में प्रवेश न करें और दोपहर तक संघ भवन में ही उपस्थित रहें। संदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त सूचना ग्रुप में जिला विधिज्ञ संघ, सीवान के महासचिव नवेंदु शेखर दीपक के नाम से साझा की गई थी। जैसे ही यह संदेश अधिवक्ताओं के बीच पहुंचा, पूरे न्यायिक परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई।
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एहतियातन कार्यवाही स्थगित
इस धमकी के मद्देनजर सभी न्यायाधीशों ने एहतियातन अपने-अपने न्यायालयों की कार्यवाही स्थगित कर दी और कोर्ट को बंद कर दिया गया। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता उम्मेद अली ने बताया कि इस प्रकार का एक संदेश अधिवक्ताओं के ग्रुप में आया था, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर एहतियात बरती गई। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह किसी असामाजिक तत्व की अफवाह फैलाने की कोशिश प्रतीत होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिवक्ता उम्मेद अली ने कहा, “इस तरह की अफवाह फैलाना आसान नहीं है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है।