फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से ठगी: साइबर फ्रॉड गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार; कई राज्यों में बनाए शिकार
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर साइबर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत साइबर फ्रॉड गिरोह के अर्जुन कुमार और रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया। फर्जी कंपनियों के जरिए कई राज्यों के लोगों से ठगी की जाती थी। पुलिस ने कई बैंक दस्तावेज और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।
विस्तार
मुजफ्फरपुर की साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, बैंक के फर्जी चेक और अन्य सामग्री बरामद की गई है। मामले की जानकारी साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी। पुलिस फरार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है।
फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से ठगी करने का आरोप
मामले में बताया गया कि आर्थिक अपराध इकाई को सूचना मिली थी कि मुजफ्फरपुर जिले के दो लोग फर्जी तरीके से साइबर फ्रॉड कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को गुमराह कर लालच देते थे और उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी खोल लेते थे। इसके बाद उन्हीं कंपनियों के नाम पर पैसे मंगवाकर ठगी की जाती थी। अब तक एक दर्जन से अधिक राज्यों के लोगों को इस गिरोह द्वारा निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
कई राज्यों से मिली शिकायतें, बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कई एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और चेक बुक बरामद किए गए हैं। हालांकि छापामारी के दौरान गिरोह के दो अन्य आरोपी फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापामारी कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर साइबर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
करोड़ों के ट्रांजेक्शन की आशंका
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि साइबर फ्रॉड के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान अर्जुन कुमार और रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जो रामपुर हरि थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनके पास से कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर उसके नाम से करेंट अकाउंट खोलते थे और उसी में ठगी के पैसे मंगवाते थे। इसके लिए फर्जी जीएसटी भी बनाया जाता था और इस प्रक्रिया में शामिल लोगों को कुछ पैसे भी दिए जाते थे। आरोप है कि निवेश फ्रॉड, फेक गेमिंग और डिजिटल अरेस्टिंग जैसे तरीकों के नाम पर लोगों से पैसे मंगवाए जाते थे।
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देश के कई राज्यों के लोग बने शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ देश के कई राज्यों से शिकायतें मिली हैं। इनमें पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी की शिकायत दर्ज है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पूछताछ में सामने आ सकती है अन्य सदस्यों की भूमिका
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रणधीर कुमार करीब दो वर्षों से इस धंधे में लगा हुआ था। इससे पहले वह आधार कार्ड और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के साथ-साथ जीएसटी से जुड़े काम करता था। इसी अनुभव का उपयोग उसने साइबर फ्रॉड के लिए करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे इस गिरोह से जुड़ गया। पूछताछ के दौरान इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी संभावना सामने आई है, जिसको लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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