बिहार: स्कूलों की सफाई के नाम पर करोड़ों का खेल! एजेंसी के नाम में एक अक्षर का अंतर; आयुक्त के यहां सुनवाई
बक्सर में सरकारी विद्यालयों की सफाई के नाम पर कथित फर्जी एजेंसी से भुगतान का मामला प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पहुंचा है। परिवादी ने करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को निर्धारित है।
विस्तार
बक्सर जिले के सरकारी विद्यालयों में सफाई कार्य के नाम पर कथित फर्जी एजेंसी के माध्यम से भुगतान का मामला अब प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंच गया है। मामले में सुनवाई जारी है। परिवादी हरे कृष्ण यादव, ग्राम तवकल राय के डेरा निवासी, ने आवेदन संख्या 430110115042607080 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि मुख्य एजेंसी के नाम से मिलती-जुलती दूसरी एजेंसी के जरिए जिले में सफाई कार्य के नाम पर वित्तीय अनियमितता की गई। शिकायत में तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी पर गलत एजेंसी का चयन कर निजी हित में उसे लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
3 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है। परिवाद में फर्स्ट आइडिया डिजिटल्स एप्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर एकरारनामा करने और अवैध रूप से भुगतान प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है।
12 सितंबर को हुई थी सुनवाई
12 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने अंतरिम आदेश जारी किया था। सुनवाई में परिवादी स्वयं उपस्थित थे, जबकि जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। इस दौरान जिलाधिकारी का प्रतिवेदन पत्रांक 01-2392, दिनांक 10 सितंबर 2026 को प्राप्त हुआ। इसमें बताया गया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है।
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सुनवाई के दौरान परिवादी ने आरोप लगाया कि कंपनी के नाम में DIGITAL के आगे केवल S जोड़कर DIGITALS नाम से दूसरी कंपनी के माध्यम से काम कराया गया। उन्होंने इस प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया। इस पर प्रमंडलीय आयुक्त ने जिलाधिकारी को एजेंसियों के नाम में अंतर और उससे जुड़े पूरे मामले की जांच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही, 3 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में जिला शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
एकरारनामा और वर्कऑर्डर की तारीखों में अंतर
शिकायत के अनुसार, मामले में एकरारनामा और वर्कऑर्डर जारी करने की तारीखों में भी अंतर सामने आया है। विभाग ने फर्स्ट आइडिया डिजिटल्स एप्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 8 जनवरी 2024 को एकरारनामा किया था। इस एकरारनामे पर जिला शिक्षा पदाधिकारी के हस्ताक्षर हैं।
वहीं, वर्कऑर्डर 11 नवंबर 2023 को ही फर्स्ट आइडिया डिजिटल एप्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (FIRST IDEA DIGITAL APPLICATIONS Pvt. LTD, Godhna Road, Arrah) के नाम जारी कर दिया गया था।
परिवादी का आरोप है कि नियमानुसार एकरारनामा होने के बाद वर्कऑर्डर जारी किया जाना चाहिए था, लेकिन इस मामले में पहले DIGITAL नाम वाली कंपनी को वर्कऑर्डर दिया गया और बाद में DIGITALS नाम वाली कंपनी को भुगतान किया गया। इसे वित्तीय अनियमितता बताते हुए परिवादी ने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और भुगतान की गई राशि की वसूली की मांग की है।