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Bihar: सेल्फ स्टडी और मेहनत का कमाल! प्रिया कुमारी ने UPSC में हासिल की 232वीं रैंक; इलाके में खुशी की लहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फुलवारी शरीफ
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:07 AM IST
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सार
फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल कर परिवार और इलाके का मान बढ़ाया। इंटरव्यू में उनसे पटना के जिलाधिकारी बनने पर किए जाने वाले काम के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने जल निकासी, बिजली प्रबंधन और ग्रामीण व शहरी विकास पर फोकस करने का जवाब दिया।
पटना के फुलवारी शरीफ की प्रिया कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कहते हैं, "कौन कहता है आसमान में छेद नहीं हो सकती, एक पत्थर तो दिल से उछालो यारो।" फुलवारी शरीफ के महमदपुर गांव की बेटी प्रिया कुमारी ने इस कथन को सच कर दिखाया। कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और सेल्फ स्टडी के दम पर प्रिया कुमारी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में ऑल इंडिया 232वीं रैंक हासिल की। उनकी इस सफलता ने परिवार, गांव और पूरे इलाके का मान बढ़ाया है।
इंटरव्यू में पूछा गया चुनौतीपूर्ण सवाल
बातचीत के दौरान प्रिया ने बताया कि इंटरव्यू में उनसे यह पूछा गया कि यदि उन्हें पटना का जिलाधिकारी बनाया जाए तो वे किस तरह का काम करेंगे। प्रिया ने सहजता से बताया कि जो अनप्लांड तरीके से काम चल रहा है, उसे वे पूरी योजना के साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लागू करेंगी। जल निकासी, बिजली प्रबंधन और गांवों का शहरीकरण—इन सभी क्षेत्रों पर उनका विशेष फोकस होगा। प्रिया ने बताया कि कुछ सवालों में वे थोड़ी विचलित हुई थीं क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतना लेटेस्ट प्रश्न उनसे पूछा जाएगा, फिर भी उन्होंने सहज और स्पष्ट उत्तर दिया।
परिवार और शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान
प्रिया अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनका छोटा भाई प्रिंस कुमार एमटेक करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में फ्लिपकार्ट कंपनी में कार्यरत हैं। उनके पिता राम नारायण सिंह सारण के बेला दरियापुर स्थित रेल चक्का कारखाना में टेक्नीशियन ग्रेड-वन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुजानती देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। दादा विजय नारायण शर्मा राजस्व कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। प्रिया के बचपन से ही परिवार में शिक्षा का माहौल रहा। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई डीएवी वाल्मी से हुई, जिसके बाद उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और साथ-साथ UPSC की तैयारी में जुटीं।
सफलता का संदेश और प्रेरणा
प्रिया कुमारी ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो वे आईपीएस बनकर देश की सेवा करेंगी। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि कोचिंग और नोट्स उपयोगी होते हैं, लेकिन सफलता का सबसे बड़ा आधार सेल्फ स्टडी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब का सही तरीके से उपयोग करें और नियमित पढ़ाई जारी रखें।
परिवार की खुशी और सामाजिक संदेश
पिता राम नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। बेटी की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मां सुजानती देवी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और समाज से अपील की कि बेटियों पर भरोसा करें, उन्हें पढ़ने और अपने सपने पूरे करने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को आगे बढ़ने की आज़ादी मिले तो वे परिवार और समाज दोनों का नाम रोशन कर सकती हैं। प्रिया कुमारी की इस उपलब्धि ने न सिर्फ फुलवारी शरीफ बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बना है।
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इंटरव्यू में पूछा गया चुनौतीपूर्ण सवाल
बातचीत के दौरान प्रिया ने बताया कि इंटरव्यू में उनसे यह पूछा गया कि यदि उन्हें पटना का जिलाधिकारी बनाया जाए तो वे किस तरह का काम करेंगे। प्रिया ने सहजता से बताया कि जो अनप्लांड तरीके से काम चल रहा है, उसे वे पूरी योजना के साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लागू करेंगी। जल निकासी, बिजली प्रबंधन और गांवों का शहरीकरण—इन सभी क्षेत्रों पर उनका विशेष फोकस होगा। प्रिया ने बताया कि कुछ सवालों में वे थोड़ी विचलित हुई थीं क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतना लेटेस्ट प्रश्न उनसे पूछा जाएगा, फिर भी उन्होंने सहज और स्पष्ट उत्तर दिया।
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परिवार और शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान
प्रिया अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनका छोटा भाई प्रिंस कुमार एमटेक करने के बाद मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में फ्लिपकार्ट कंपनी में कार्यरत हैं। उनके पिता राम नारायण सिंह सारण के बेला दरियापुर स्थित रेल चक्का कारखाना में टेक्नीशियन ग्रेड-वन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुजानती देवी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। दादा विजय नारायण शर्मा राजस्व कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हैं। प्रिया के बचपन से ही परिवार में शिक्षा का माहौल रहा। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई डीएवी वाल्मी से हुई, जिसके बाद उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और साथ-साथ UPSC की तैयारी में जुटीं।
सफलता का संदेश और प्रेरणा
प्रिया कुमारी ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो वे आईपीएस बनकर देश की सेवा करेंगी। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि कोचिंग और नोट्स उपयोगी होते हैं, लेकिन सफलता का सबसे बड़ा आधार सेल्फ स्टडी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब का सही तरीके से उपयोग करें और नियमित पढ़ाई जारी रखें।
परिवार की खुशी और सामाजिक संदेश
पिता राम नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। बेटी की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मां सुजानती देवी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और समाज से अपील की कि बेटियों पर भरोसा करें, उन्हें पढ़ने और अपने सपने पूरे करने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को आगे बढ़ने की आज़ादी मिले तो वे परिवार और समाज दोनों का नाम रोशन कर सकती हैं। प्रिया कुमारी की इस उपलब्धि ने न सिर्फ फुलवारी शरीफ बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बना है।