Bihar: सासामुसा चीनी मिल में विदेशी निवेश की आहट, ऑस्ट्रेलियाई समूह ने किया निरीक्षण, खुलेंगी रोजगार की राहें
Bihar: सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू करने की दिशा में तेजी आई है, जहां एक ऑस्ट्रेलियाई उद्योग समूह ने मिल का निरीक्षण कर निवेश में रुचि दिखाई है। सरकार के सकारात्मक रुख और लगातार प्रयासों के चलते न सिर्फ मिल के पुनर्जीवन की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
विस्तार
गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित सासामुसा चीनी मिल के पुनर्जीवन की दिशा में मंगलवार को एक अहम पहल देखने को मिली, जब ऑस्ट्रेलिया में स्थापित एक उद्योग समूह के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ मिल परिसर का सघन निरीक्षण किया। लगभग एक घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधियों ने मिल परिसर में उपलब्ध भूमि, आधारभूत संरचना, पुरानी मशीनरी की स्थिति सहित अन्य संसाधनों का गहन आकलन किया।
अधिकारियों के साथ बैठक
निरीक्षण के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया। बीटीएल ग्रुप के प्रतिनिधि एस.पी. मिश्रा एवं एडवाइजर अंजुल कृष्णा ने बताया कि यह समूह एक भारतीय उद्यमी द्वारा ऑस्ट्रेलिया में संचालित किया जा रहा है और अब भारत में चीनी उद्योग के क्षेत्र में विस्तार की योजना पर कार्य कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य देश में पांच चीनी मिलों का संचालन करना है।
पहले यूपी में इन्वेस्ट करना चाहती थी कंपनी
उन्होंने बताया कि प्रारंभ में समूह की रुचि उत्तर प्रदेश में थी, लेकिन बिहार सरकार के सकारात्मक रुख के बाद अब प्राथमिकता बिहार में कम से कम दो चीनी मिल स्थापित करने की है। इस संबंध में सोमवार को पटना में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. सैंथल कुमार के साथ बैठक हुई, जिसमें सरकार की ओर से निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। एस.पी. मिश्रा ने कहा कि प्रस्ताव के अंतिम रूप लेने पर यहां अत्याधुनिक चीनी मिल के साथ पावर प्लांट एवं अन्य कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
'सासामुसा चीनी मिल को पुनः चालू करना'
वहीं, प्रतिनिधिमंडल के साथ आए पूर्व संयुक्त गन्ना आयुक्त जी.पी.एन. सिंह ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता हर हाल में सासामुसा चीनी मिल को पुनः चालू करना है। इसके लिए संभावित निवेशकों से लगातार बातचीत की जा रही है और इच्छुक कंपनियों को सरकारी नियमों के तहत हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें: नई सरकार के गठन से पहले किन नेताओं को मिला VIP का दर्जा; विधान सभा समितियों में ओहदा
दिसंबर 2017 में बंद किया गया मिल
गौरतलब है कि इससे पहले 27 फरवरी को कर्नाटक के निरानी ग्रुप के अध्यक्ष मुरुगेश निरानी तथा 9 मार्च को तिरहुत उद्योग द्वारा भी मिल का निरीक्षण किया जा चुका है। मंगलवार को तीसरी कंपनी की सक्रियता से पुनर्जीवन की उम्मीदें और प्रबल हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2017 में सासामुसा चीनी मिल में हुए एक भीषण हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद मिल को बंद कर दिया गया था। तब से यह मिल बंद पड़ी है, लेकिन सरकार के लगातार प्रयासों से अब इसके पुनः संचालन की संभावनाएं मजबूत होती नजर आ रही हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.