Bihar: वाल्मीकिनगर बराज से छोड़ा गया 2.26 लाख क्यूसेक पानी, गोपालगंज में बाढ़ का खतरा बढ़ा; प्रशासन हाई अलर्ट
नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बराज से करीब 2.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके चलते गोपालगंज के निचले और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज कर दी है।
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नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार में भी दिखने लगा है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए वाल्मीकिनगर बराज से करीब 2.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बाद गोपालगंज जिले के निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
करीब 30 घंटे में गोपालगंज पहुंचेगा पानी
जिला प्रशासन के अनुसार, वाल्मीकिनगर बराज से छोड़ा गया पानी लगभग 30 घंटे के भीतर गोपालगंज के मैदानी और निचले इलाकों तक पहुंच सकता है। इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी
जल संसाधन विभाग ने गंडक नदी के तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। सभी संवेदनशील तटबंधों पर अतिरिक्त मानव बल की तैनाती की गई है। विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों को नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, कटाव या रिसाव जैसी स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सामग्री भी पहले से संवेदनशील स्थानों पर पहुंचा दी गई है।
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राहत और बचाव की तैयारियां तेज
संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखे हुए है।
डीएम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जिलाधिकारी समीर सौरभ ने कहा कि फिलहाल जिले की स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए निचले और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं जलस्तर में अचानक वृद्धि या किसी तरह की आपात स्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।