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बिहार: 48 गांवों में बाढ़ का असर, 24000+ प्रभावित; 33 नाव और बोट एंबुलेंस तैनात, 14 रसोइयों में बन रहे भोजन
Thu, 01 Oct 2026 07:48 AM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 01 Oct 2026 07:48 AM IST
सार
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिले के पांच प्रखंडों की 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बुधवार शाम चार बजे तक 24,725 आबादी और करीब 4,220 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए 33 नाव, एक बोट एंबुलेंस, पांच चिकित्सा शिविर और तीन एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीमें उपलब्ध कराई हैं।
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बिहार में बाढ़
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिले के पांच प्रखंडों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बुधवार शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार इन क्षेत्रों की अनुमानित 24,725 आबादी और करीब 4,220 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के दिशा-निर्देश पर संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव के अनुसार राहत-बचाव के संसाधनों को सक्रिय किया जा रहा है। प्रशासन का जोर प्रभावित परिवारों तक भोजन, चिकित्सा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने पर है।
33 नाव और बोट एंबुलेंस से राहत कार्य तेज
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए 33 नाव उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही एक बोट एंबुलेंस भी संचालित है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पांच चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। पशु चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि बाढ़ के बीच पशुओं के इलाज और आवश्यक देखभाल में परेशानी न हो। राहत कार्य के लिए एक राहत केंद्र भी संचालित है, जहां फिलहाल 50 आश्रयार्थी रह रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीमें भी उपलब्ध हैं। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 950 पॉलीथिन शीट का वितरण किया गया है।
14 सामुदायिक रसोई में पांच हजार लोगों के लिए भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की समस्या नहीं हो, इसके लिए सारण जिले के पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर और परसा प्रखंडों में कुल 14 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से करीब पांच हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रखंडवार स्थिति के अनुसार पानापुर में दो, तरैया में तीन, अमनौर में एक, मकेर में पांच और परसा में तीन सामुदायिक रसोई चल रही हैं।
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इन इलाकों में चल रही सामुदायिक रसोई
तरैया की रसोई चंचलिया, माधोपुर और भटगाई में संचालित है। वहीं मकेर में बाघाकोल, कस्बा मकेर, भाथा और पीर मकेर सहित प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधा समय पर पहुंचाई जाए। प्रशासन की ओर से नदी और तटबंध के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं, आम लोगों से अपील की गई है कि घबराएं नहीं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
नदी और तटबंध के पास जाने से बचने की अपील
नदी और तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। जलस्तर और बाढ़ की स्थिति में बदलाव के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को आवश्यकतानुसार और विस्तारित किया जाएगा।
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33 नाव और बोट एंबुलेंस से राहत कार्य तेज
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए 33 नाव उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही एक बोट एंबुलेंस भी संचालित है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पांच चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। पशु चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि बाढ़ के बीच पशुओं के इलाज और आवश्यक देखभाल में परेशानी न हो। राहत कार्य के लिए एक राहत केंद्र भी संचालित है, जहां फिलहाल 50 आश्रयार्थी रह रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीमें भी उपलब्ध हैं। प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 950 पॉलीथिन शीट का वितरण किया गया है।
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14 सामुदायिक रसोई में पांच हजार लोगों के लिए भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन की समस्या नहीं हो, इसके लिए सारण जिले के पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर और परसा प्रखंडों में कुल 14 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से करीब पांच हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रखंडवार स्थिति के अनुसार पानापुर में दो, तरैया में तीन, अमनौर में एक, मकेर में पांच और परसा में तीन सामुदायिक रसोई चल रही हैं।
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इन इलाकों में चल रही सामुदायिक रसोई
तरैया की रसोई चंचलिया, माधोपुर और भटगाई में संचालित है। वहीं मकेर में बाघाकोल, कस्बा मकेर, भाथा और पीर मकेर सहित प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधा समय पर पहुंचाई जाए। प्रशासन की ओर से नदी और तटबंध के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वहीं, आम लोगों से अपील की गई है कि घबराएं नहीं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
नदी और तटबंध के पास जाने से बचने की अपील
नदी और तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। जलस्तर और बाढ़ की स्थिति में बदलाव के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को आवश्यकतानुसार और विस्तारित किया जाएगा।