आमतौर पर दुनियाभर की सरकारों द्वारा बनाए गए खुफिया ठिकानों या फिर किसी ऐसी जगह पर आम लोगों के जाने पर पाबंदी रहती है, जो संवेदनशील रहता है। यानी वहां आतंकियों का भी खतरा हो सकता है या फिर उस इलाके में कुदरत का कहर हो सकता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां 100 साल पहले तक लोग रहते थे। वहां की आबादी खुशहाल थी, लेकिन उसके बाद यहां कुछ ऐसी घटना घटी कि अब वहां किसी के भी जाने पर पाबंदी है। यहां तक कि उस इलाके में जानवरों के भी जाने पर रोक लगी हुई है।
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जोन रोग, फ्रांस
- फोटो : Social media
इस जगह का नाम है 'जोन रोग', जो फ्रांस के उत्तर-पूर्वी इलाके में स्थित है। पिछले 100 सालों से इस इलाके को फ्रांस के बाकी क्षेत्रों से काटकर रखा गया है, ताकि यहां कोई आ न सके। इतना ही नहीं, इस इलाके में जगह-जगह 'डेंजर जोन' (खतरनाक जगह) के बोर्ड भी लगे हुए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यहां आना मतलब अपनी जान को जोखिम में डालना है।
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जोन रोग, फ्रांस
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फ्रांस के इस इलाके को 'रेड जोन' के नाम से भी जाना जाता है। प्रथम विश्व युद्ध से पहले यहां कुल नौ गांव थे, जहां लोग रहा करते थे और खेती करके अपना गुजारा करते थे। लेकिन विश्व युद्ध में यहां इतने गोला-बारूद और बम गिरे कि पूरा का पूरा इलाका ही बर्बाद हो गया। यहां लाशों के ढेर लग गए और भारी मात्रा में केमिकल युक्त युद्ध सामग्री पूरे इलाके में फैल गई।
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जोन रोग, फ्रांस
- फोटो : Twitter
इस इलाके में सिर्फ जमीन ही जहरीली नहीं है बल्कि पानी में भी जानलेवा तत्व मिले हुए हैं। अब चूंकि इस पूरे इलाके की जमीन और यहां मौजूद पानी को साफ करना संभव नहीं था, इसलिए फ्रांस की सरकार ने इसे 'जोन रोग' या 'रेड जोन' घोषित कर दिया और इंसानों से लेकर जानवरों तक के यहां आने पर पाबंदी लगा दी।
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जोन रोग, फ्रांस
- फोटो : Wikipedia
साल 2004 में कुछ शोधकर्ताओं ने 'जोन रोग' की मिट्टी और पानी का परीक्षण किया था, जिसमें भारी मात्रा में आर्सेनिक पाया गया। दरअसल, आर्सेनिक एक जहरीला पदार्थ है, जिसकी एक छोटी सी मात्रा ही अगर गलती से भी इंसान के मुंह में चला जाए तो कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो सकती है।
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