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Trade Deal: अमेरिका के कृषि उत्पादों को सीमित पहुंच, जानें भारतीय किसानों के हितों को कैसे सुरक्षित किया गया

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 09 Feb 2026 04:48 PM IST
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सार

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारत ने कृषि क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए अमेरिकी कृषि उत्पादों को सीमित पहुंच दी है। मांस, डेयरी, अनाज, दालें और जीएम खाद्य जैसे क्षेत्रों को पूरी तरह संरक्षण मिला है, जबकि कुछ चुनिंदा उत्पादों पर ही सीमित और चरणबद्ध रियायतें दी गई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

Limited access to US agricultural products: Learn how the interests of Indian farmers were protected
भारत अमेरिका के बीच व्यापार समझौता - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

भारत सरकार ने सोमवार को कहा कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को बाजार पहुंच उत्पादों की संवेदनशीलता के आधार पर तय की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को एक सावधानीपूर्वक तैयार छूट श्रेणी के तहत पूरी तरह संरक्षण दिया गया है।

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केंद्र के अनुसार, इस समझौते में पेशकश को पांच श्रेणियों में बांटा गया है 

  • तत्काल शुल्क समाप्ति, 
  • चरणबद्ध शुल्क समाप्ति (10 साल तक),
  •  शुल्क में कटौती, 
  • मार्जिन ऑफ प्रेफरेंस और टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था

 

पूरी तरह संरक्षित उत्पाद

सरकार ने बताया कि मांस, पोल्ट्री और डेयरी; जीएम खाद्य उत्पाद; सोयामील; मक्का; अनाज व मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, अमरंथ); फल (केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, सिट्रस); दालें (हरी मटर, काबुली चना, मूंग); तिलहन; पशु आहार के कुछ उत्पाद; मूंगफली; शहद; माल्ट व उसके अर्क; गैर-मादक पेय; आटा व मील; स्टार्च; आवश्यक तेल; ईंधन के लिए एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पाद पूरी तरह छूट श्रेणी में रखे गए हैं।

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10 साल तक चरणबद्ध शुल्क समाप्ति

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के कुछ मध्यवर्ती इनपुट्स जैसे एल्ब्यूमिन्स; नारियल, अरंडी और कपास बीज तेल; हूफमील; लार्ड; स्टीयरिन; संशोधित स्टार्च; पेप्टोन्स और पौधों/पौधों के हिस्सों पर शुल्क 10 साल तक चरणबद्ध रूप से खत्म होगा, ताकि घरेलू हितधारकों को समायोजन का समय मिल सके।

सीमित रियायतें और टीआरक्यू

कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों (जैसे पौधों के हिस्से, जैतून, पाइरेथ्रम, ऑयल केक) पर शुल्क में आंशिक कटौती लागू की गई है। मादक पेयों पर न्यूनतम आयात मूल्य आधारित फार्मूले के साथ शुल्क कटौती दी गई है। वहीं, इन-शेल बादाम, अखरोट, पिस्ता और दालों जैसे कुछ उत्पादों को टैरिफ रेट कोटा के तहत सीमित मात्रा में कम शुल्क पर अनुमति दी गई है।

व्यापार संतुलन और निर्यात लाभ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में भारत का अमेरिका के साथ कृषि व्यापार में 1.3 अरब डॉलर का अधिशेष रहा, निर्यात 3.4 अरब डॉलर और आयात 2.1 अरब डॉलर रहा।

प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारतीय उत्पादों पर कम शुल्क

एक साक्षात्कार में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल  ने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों पर प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम पारस्परिक शुल्क लगेगा। उन्होंने बताया कि चाय, कॉफी, मसाले, नारियल/नारियल तेल और वेजिटेबल वैक्स जैसे उत्पादों पर शून्य शुल्क रहेगा।

इससे पहले शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने दोहराया कि भारतीय किसानों के उत्पाद अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात होंगे, जबकि अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में कोई नई शुल्क रियायत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत के किसान, एमएसएमई, कारीगर और शिल्पकार किसी नुकसान में नहीं रहेंगे; बल्कि अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच से भारत को लाभ होगा।

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