सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Rupee falls Rupee vs Dollar record low Rupee at 92.40, crude oil prices foreign funds withdrawal

Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, जानिए उतार-चढ़ाव का पूरा हाल

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Mon, 16 Mar 2026 05:28 PM IST
विज्ञापन
सार

जानिए क्यों अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी फंड की निकासी और होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की उम्मीदों का भारतीय मुद्रा पर असर समझें। विस्तृत रिपोर्ट अभी पढ़ें।

Rupee falls Rupee vs Dollar record low Rupee at 92.40, crude oil prices foreign funds withdrawal
रुपया बनाम डॉलर - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार

भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में जारी उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर देखने को मिला है। सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 92.40 (अस्थायी) के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही फंड निकासी ने रुपये पर यह भारी दबाव बनाया है। यह स्थिति मुद्रा बाज़ार में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक व्यापारिक चिंताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। 

Trending Videos
  • मुद्रा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के कारोबारी सत्र में रुपये ने ऐतिहासिक गोता लगाया। 
  • अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थानीय मुद्रा की शुरुआत ही कमज़ोरी के साथ 92.44 के स्तर पर हुई। 
  • दिन के कारोबार के दौरान, डॉलर के मुकाबले रुपये ने 92.47 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर को छू लिया। 
  •  कारोबारी सत्र के अंत में, रुपया अपने पिछले बंद भाव से 10 पैसे का नुकसान दर्ज करते हुए 92.40 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन

रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारक काम कर रहे हैं:

  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे भारत का आयात बिल प्रभावित होने की आशंका है और डॉलर की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
  • विदेशी पूंजी की निकासी: भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं  के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं। सुरक्षित निवेश की तलाश में वे भारतीय बाज़ारों से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे रुपये पर भारी दबाव पड़ा है।

शेयर बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत 

इन तमाम नकारात्मक कारकों के बावजूद, रुपये में एक बहुत बड़ी और अचानक होने वाली गिरावट को रोकने में कुछ घरेलू और भू-राजनीतिक कारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों ने बाज़ार की धारणा को काफी हद तक सकारात्मक बनाया है। इन उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में एक महत्वपूर्ण रिकवरी देखी गई, जिसने स्थानीय मुद्रा को एक मजबूत सहारा प्रदान किया और उसे और अधिक टूटने से बचा लिया।


अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 92.40 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचना, भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा बाज़ार की अस्थिरता का सीधा परिणाम है। हालांकि घरेलू शेयर बाज़ार में सुधार और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीदों ने रुपये को आंशिक समर्थन दिया है। आगे चलकर, विदेशी निवेशकों का रुख और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा ही मुद्रा बाजार का अगला रुझान तय करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed