The Bonus Market Update: लाल निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 250 अंक टूटा, निफ्टी 26800 के नीचे
Sensex-Nifty Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 250.48 अंक गिरकर 85,627.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 57.95 अंक गिरकर 26,732.30 अंक पर आ गया।
विस्तार
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक टैरिफ संबंधी चिंताओं के बीच विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और ब्लू-चिप शेयरों में बिकवाली के चलते मंगलवार को एक दिन की राहत के बाद इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी निचले स्तर पर बंद हुए। व्यापारियों के अनुसार, आय सत्र की कमजोर शुरुआत के कारण बाजार का माहौल भी सुस्त था।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 85,627.69 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 615.38 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 83,262.79 पर पहुंच गया था। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 26,732.30 पर बंद हुआ। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.21 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, आईटीसी, अदानी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
टीसीएस के मुनाफे में आई 14 प्रतिशत की गिरावट
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी टीसीएस ने सोमवार को दिसंबर तिमाही में अपने मुनाफे में 13.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, जो कि 10,657 करोड़ रुपये रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से नए श्रम कानूनों के एकमुश्त प्रभाव के कारण हुई।
खुदरा महंगाई तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंची
इस बीच, खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.33 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि थी, लेकिन यह भारतीय रिजर्व बैंक के निम्नतम सहनशीलता स्तर से नीचे रही।
ट्रंप ने ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर दी टैरिफ लगाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को वाशिंगटन के साथ अपने व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ का भुगतान करना होगा, एक ऐसा कदम जो भारत, चीन और यूएई जैसे तेहरान के प्रमुख व्यापारिक भागीदारों को प्रभावित कर सकता है।
टैरिफ संबंधी चिंताओं ने बाजार पर डाला असर
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि साप्ताहिक समाप्ति पर भारतीय शेयर बाजारों में दिन भर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती बढ़त सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही मुनाफावसूली में तब्दील हो गई। वैश्विक टैरिफ संबंधी चिंताओं, तीसरी तिमाही के नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाओं और समाप्ति से प्रेरित सामान्य उतार-चढ़ाव ने शुरुआती आशावाद को धूमिल कर दिया।
यूरोपीय बाजारों में रहा मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ समाप्त हुआ। निक्केई 225 सूचकांक में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। यूरोप के बाजारों में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार हो रहा था। सोमवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 65.06 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 1.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 65.06 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,839.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 301.93 अंक या 0.36 प्रतिशत चढ़कर 83,878.17 पर बंद हुआ। निफ्टी 106.95 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 25,790.25 पर पहुंच गया।