The Bonus Market Update: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी में भी गिरावट; US डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे कमजोर
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान पर खुला। वहीं पिछले दिन बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1342.27 अंक गिरकर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 394.75 अंक गिरकर 23,866.85 अंक पर बंद हुआ था।
विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला, जिसके चलते गुरुवार को शुरुआती कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विश्लेषकों का कहना है कि कमजोर वैश्विक बाजार रुझानों और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी ने भी भावनाओं को प्रभावित किया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 992.53 अंक गिरकर 75,871.18 पर आ गया; निफ्टी 310.55 अंक गिरकर 23,556.30 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 92.32 पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अदानी पोर्ट्स, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक सबसे बड़े पिछड़ने वालों में शामिल थीं। टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 1.5% गिरकर 54,177.15 पर आ गया। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी सूचकांक 1% गिरकर 5,552.01 पर आ गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.2% गिरकर 25,577.71 पर आ गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.5% गिरकर 4,110.20 पर आ गया और ऑस्ट्रेलिया में एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.6% गिरकर 8,601.70 पर आ गया। अमेरिकी वायदा बाजार में 1% से अधिक की गिरावट आई और डॉलर बढ़कर 159 जापानी येन हो गया जबकि यूरो गिरकर 1.1538 डॉलर पर आ गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों ने बाजार को कमजोर क्षेत्र में धकेल दिया है। युद्ध के जारी रहने और थमने के कोई संकेत न दिखने के साथ-साथ ब्रेंट क्रूड के एक बार फिर 100 डॉलर के स्तर पर पहुंचने से यह कमजोरी बनी रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भले ही डीआईआई लगातार बाजार में खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन डीआईआई की खरीदारी बाजार को उबरने में मदद नहीं कर रही है क्योंकि एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं और इस अनिश्चित वैश्विक माहौल में अपनी रणनीति बदलने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं।
ब्रेंट क्रूड का कीमतों में आई तेजी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। आज सुबह वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे कुछ दिन पहले ही यह कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के करीब पहुंच गई थी, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
तेल की कीमतों में 9% से ज्यादा की तेजी तब आई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर ईरान के हमलों के बाद आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। वहीं अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड भी उछलकर करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,267.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
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