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अब आटा और रोटी भी होगी महंगी?: चार प्रतिशत तक बढ़े गेहूं के दाम, काला सागर में तनाव से सप्लाई पर मंडराया संकट
Tue, 18 Aug 2026 06:36 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 18 Aug 2026 06:36 AM IST
सार
गेहूं की बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी की रसोई पर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वैश्विक बाजार में गेहूं के भाव मजबूत होने के साथ घरेलू मंडियों में भी पिछले एक महीने में करीब चार फीसदी तक तेजी आई है। काला सागर क्षेत्र में तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति पर दबाव है। ऐसे में क्या आने वाले दिनों में आटा और रोटी भी महंगी हो सकती है? आइए, विस्तार से समझते हैं...
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गेहूं के बढ़ते भाव ने बढ़ाई महंगाई की चिंता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महंगाई की मार अब खाने की थाली तक और बढ़ सकती है। वैश्विक बाजार में गेहूं की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई देने लगा है। फिलहाल गेहूं की कीमत करीब 6.7 डॉलर प्रति बुशेल के आसपास है, जो 24 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। पिछले एक महीने में देश की प्रमुख मंडियों में गेहूं के भाव 3.85 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। अगर यह तेजी आगे भी बनी रहती है तो आटा, ब्रेड और गेहूं से बनने वाले दूसरे खाद्य उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
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-स्रोत: एनसीडीईएक्स, भाव रुपये प्रति क्विंटल में
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काला सागर का तनाव गेहूं के लिए इतना अहम क्यों है?
गेहूं की कीमतों में तेजी के पीछे काला सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव बड़ी वजह बन रहा है। रूस और यूक्रेन दुनिया के गेहूं निर्यात में बड़ा हिस्सा रखते हैं। रूस की ओर से यूक्रेन के साथ काला सागर में संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद वहां तनाव बना हुआ है। हमलों से समुद्री रास्तों पर शिपिंग प्रभावित हो रही है और निर्यात घटने की चिंता बढ़ी है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की आपूर्ति को लेकर आशंका पैदा हुई है।
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घरेलू मंडियों में कितनी बढ़ी गेहूं की कीमत?
इस वैश्विक चिंता का असर भारतीय मंडियों में भी दिख रहा है। 17 जुलाई से 17 अगस्त के बीच राजकोट में गेहूं का भाव 2,600 रुपये से बढ़कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। दिल्ली में यह 2,782.50 रुपये से बढ़कर 2,870 रुपये, कानपुर में 2,620 रुपये से बढ़कर 2,700 रुपये और कोटा में 2,657.50 रुपये से बढ़कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। इंदौर में भी भाव 2,695 रुपये से बढ़कर 2,708.75 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। यानी कई प्रमुख मंडियों में एक महीने के भीतर कीमतें बढ़ी हैं।
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| मंडी | 17 जुलाई का भाव (₹/क्विंटल) | 17 अगस्त का भाव (₹/क्विंटल) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| राजकोट | 2,600 | 2,700 | 3.85% |
| दिल्ली | 2,782.50 | 2,870 | 3.14% |
| कानपुर | 2,620 | 2,700 | 3.05% |
| कोटा | 2,657.50 | 2,700 | 1.60% |
| इंदौर | 2,695 | 2,708.75 | 0.51% |