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Report: डॉलर के मुकाबले 99 तक गिर सकता है रुपया, महंगे तेल और वैश्विक जोखिम ने बढ़ाया दबाव; क्या है पूरा गणित?
Tue, 18 Aug 2026 06:48 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 18 Aug 2026 06:48 AM IST
सार
रुपये की कमजोरी अब सिर्फ मुद्रा बाजार की खबर नहीं रह गई है, इसका असर तेल, आयात और महंगाई पर भी पड़ सकता है। बीएमआई ने 2028 तक रुपया 99 प्रति डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया है। महंगा कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान संघर्ष और संभावित अमेरिकी टैरिफ जोखिम बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या सरकारी कदम रुपये को संभाल पाएंगे या भारतीय मुद्रा पर दबाव और बढ़ेगा? आइए, विस्तार से समझते हैं...
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महंगा कच्चा तेल रुपये का खेल कैसे बिगाड़ रहा है?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
बीएमआई के अनुमान के मुताबिक, रुपये की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ऊर्जा की ऊंची कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 90 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने पर भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से रुपया करीब चार फीसदी कमजोर हो चुका है।
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महंगा कच्चा तेल रुपये का खेल कैसे बिगाड़ रहा?
अगर अमेरिका-ईरान संघर्ष लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ेगा। तेल खरीदने के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होगी। इससे घरेलू बाजार में डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये की कीमत घट सकती है। बीएमआई का मानना है कि ब्रेंट क्रूड में तेजी जारी रहने पर भारतीय मुद्रा पर दबाव और बढ़ सकता है।
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