Air India Crash: बोइंग 787 के 'फ्यूल स्विच' में नहीं मिली कोई गड़बड़ी, सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी
एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसे और फ्यूल स्विच विवाद पर सरकार का बड़ा बयान सामने आया है। सिएटल में हुई जांच के नतीजे क्या रहे और आगे क्या होने वाला है, यह जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
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हवाई सफर की सुरक्षा को लेकर हमेशा कड़े मानक तय किए जाते हैं, लेकिन जब किसी विमान में तकनीकी खराबी की आशंका पैदा हो, तो यह पूरे एविएशन सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन जाता है। पिछले साल गुजरात में हुए दर्दनाक एयर इंडिया विमान हादसे और उसके बाद लंदन-बेंगलुरु फ्लाइट में पायलटों द्वारा उठाई गई शिकायत के बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों के पुर्जों पर सवाल खड़े हो गए थे। अब भारत सरकार ने संसद में अहम जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि जांच में विमान के 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' में कोई खामी या असामान्यता नहीं पाई गई है।
क्या है बोइंग 787 से जुड़ा यह पूरा मामला?
पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया का एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान क्रैश हो गया था, जिसमें सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों को मिलाकर कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। इस गंभीर घटना के बाद, इस साल फरवरी में लंदन से बेंगलुरु आ रही एक अन्य फ्लाइट के पायलटों ने भी विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की शिकायत झंडी दिखाकर दर्ज कराई थी।
विमान में इस स्विच का क्या काम होता है?
बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों में 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' का काम बहुत अहम होता है। यह स्विच विमान के इंजनों में जेट फ्यूल (ईंधन) के बहाव को नियंत्रित करता है। हादसे और पायलटों की शिकायत के बाद, यह स्विच और इसके काम करने का तरीका जांच के केंद्र में आ गया था।
सरकार ने संसद में जांच के क्या नतीजे बताए?
सोमवार को राज्यसभा में कांग्रेस सांसद जेबी माथेर हिशाम ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के निर्देश पर बोइंग (ओईएम) की सिएटल स्थित फैसिलिटी में फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तार से जांच की गई। इस जांच में स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म में कोई भी 'असामान्यता' या गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
क्या अब बोइंग 787 की जांच पूरी हो चुकी है?
भले ही फ्यूल कंट्रोल स्विच में कोई खामी नहीं मिली है, लेकिन तकनीकी जांच की प्रक्रिया अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन को स्पष्ट किया कि विमान के 'कम्प्लीट थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल' की गहराई से जांच अभी भी बोइंग की सिएटल स्थित फैसिलिटी में जारी है।
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के फ्यूल स्विच में गड़बड़ी न मिलना एयर इंडिया और एविएशन सेक्टर के लिए राहत की बात है। हालांकि, थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की चल रही जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी। सरकार इस मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी चूक से बचा जा सके।