Aviation: पश्चिम एशिया संकट के बीच विमानन क्षेत्र के शेयरों में मजबूती, जानिए इंडिगो और स्पाइसजेस पर क्या असर
देश में विमानन ईधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद शेयरों में मजबूत उछाल दिखा। इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयरों में कितनी मजबूती आई, जानने के लिए पढ़ें खबर।
विस्तार
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। इस अभूतपूर्व संकट के बीच भारत सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस को बड़ी राहत देते हुए जेट फ्यूल की कीमतों में सीमित इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद बुधवार को शेयर बाजार में विमानन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल दिखा।
ईंधन की कीमतों का शेयरों पर क्या असर?
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ (एयर टर्बाइन फ्यूल) की कीमत में 8.56 प्रतिशत (8,289.04 रुपये) की बढ़ोतरी की है। इससे नई दर 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। इसके विपरीत, विदेशी एयरलाइंस, नॉन-शेड्यूल्ड और चार्टर उड़ानों के लिए कीमतों को 114.5 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है और यह 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई है। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि किसी भी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत में केवल ईंधन का खर्चा करीब 40 प्रतिशत होता है।
इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयर किस स्तर पर कारोबार कर रहे?
एटीएफ की कीमतों में अपेक्षा से कम बढ़ोतरी और इक्विटी बाजार में व्यापक तेजी कारण बुधवार को विमानन क्षेत्र के शेयरों में भारी खरीदारी देखने को मिली। नए वित्त वर्ष की शुरुआत शानदार रही, जहां 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक (1.65%) उछलकर 73,134.32 पर और निफ्टी 348 अंक (1.56%) चढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ।
- इंडिगो: इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर दिन के कारोबार में 9.84 प्रतिशत उछलकर 4,332 रुपये तक पहुंच गया और अंततः 6.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,180.90 रुपये पर बंद हुआ।
- स्पाइसजेट: स्पाइसजेट का शेयर कारोबार के दौरान 4.72 प्रतिशत चढ़ा और अंत में 1.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9.93 रुपये पर बंद हुआ।
विमानन उद्योगग मौजूदा हालात को किस रूप में देख रहा?
विमानन कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी का स्वागत किया है।
- स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने एक बयान में कहा कि अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितता के समय में सरकार का यह समयबद्ध हस्तक्षेप एयरलाइंस को इस गंभीर संकट और ईंधन बाजार की अस्थिरता से निपटने में मदद करेगा।
- इंडिगो ने साफ किया कि इस आंशिक बढ़ोतरी से पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन लागत में हुई वृद्धि के बीच घरेलू हवाई यात्रा की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
- कॉरपोरेट मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव करते हुए देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार को घोषणा की कि वैश्विक एयरलाइंस समूह आईएटीए के वर्तमान प्रमुख और पायलट विलियम वॉल्श उसके अगले सीईओ होंगे।
घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों को नियंत्रित रखने का यह नीतिगत कदम न केवल विमानन कंपनियों के मुनाफे को सुरक्षित करेगा, बल्कि आम यात्रियों को भी महंगे हवाई सफर से बचाएगा। विलियम वॉल्श जैसे अनुभवी नेतृत्व के आगमन और सरकारी सहयोग के साथ, भारतीय विमानन क्षेत्र वैश्विक व्यवधानों के बावजूद विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।