Biz Updates: गोयल बोले- सीईपीए से मजबूत हुए भारत-यूएई आर्थिक संबंध; निर्मला सीतारमण की नॉर्वे पीएम से मुलाकात
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने वाला एक बड़ा और परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते ने विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं और भारत की वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में विश्वसनीयता को और मजबूत किया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार साल पहले भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हस्ताक्षरित यह समझौता आर्थिक साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत था। उनके मुताबिक, CEPA का सकारात्मक प्रभाव मैन्युफैक्चरिंग, सेवाओं और कृषि क्षेत्रों में देखने को मिला है।
मंत्री ने कहा कि इस समझौते से निर्यातकों को लाभ मिला है, एमएसएमई को समर्थन मिला है और कृषि निर्यात को मजबूती मिली है। साथ ही, किसानों को प्रीमियम वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौते ने कई नए सेक्टोरल अवसर खोले हैं, जिससे भारत की वैश्विक व्यापार हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई है।
ओस्लो में निर्मला सीतारमण-नॉर्वे पीएम की मुलाकात, EFTA-TEPA समझौतों और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे से मुलाकात की और भारत-ईएफटीए तथा टीईपीए समझौतों के क्रियान्वयन पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, बैठक में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने इस वर्ष प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा को लेकर उत्साह जताया और विश्वास व्यक्त किया कि इस दौरे से भारत-नॉर्वे सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
अदाणी पोर्ट्स ने फ्रांस के पोर्ट ऑफ मार्सेई फोस के साथ किया समझौता
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के पोर्ट ऑफ मार्सेई फोस के साथ व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और ऊर्जा संक्रमण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।
कंपनी के अनुसार, यह साझेदारी भारत और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासतौर पर भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के तहत। पोर्ट ऑफ मार्सेई फोस फ्रांस का प्रमुख बंदरगाह और भूमध्यसागर का एक प्रमुख गेटवे माना जाता है।
बयान में कहा गया कि इस साझेदारी के तहत IMEC मार्ग पर प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए IMEC पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स सहयोग को मजबूत करना और भारत तथा यूरोपीय संघ के बीच समुद्री कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करना है।