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The Meta Trial:क्या मेटा ने जानबूझकर बच्चों को लत लगाई? जूरी के सामने पहली बार मार्क जुकरबर्ग, जानिए मामला

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 18 Feb 2026 12:51 PM IST
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सार

मार्क जुकरबर्ग लॉस एंजिल्स में एक ऐतिहासिक ट्रायल में गवाही देंगे कि क्या मेटा और इंस्टाग्राम बच्चों को जानबूझकर लत लगाते हैं। यह बेलवेदर केस हजारों मुकदमों का भविष्य तय करेगा।

Mark Zuckerberg faces a watershed trial in LA to testify if Meta deliberately addicts children
मार्क जुकरबर्ग - फोटो : एएनआई
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विस्तार

टेक जगत की नजरें बुधवार को लॉस एंजिल्स की एक अदालत पर टिकी होंगी, जहां मेटा  के सीईओ मार्क जुकरबर्ग एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सोशल मीडिया ट्रायल में गवाही देने के लिए तैयार हैं। यह मुकदमा इसलिए निर्णायक माना जा रहा है क्योंकि यह सीधा सवाल उठाता है कि क्या मेटा के प्लेटफॉर्म ने जानबूझकर बच्चों को अपनी तकनीक की लत लगाई और उन्हें मानसिक नुकसान पहुंचाया।

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जुकरबर्ग के लिए वाशिंगटन डीसी में सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना नई बात नहीं है, जहां उन्होंने पूर्व में पीड़ित परिवारों से माफी भी मांगी थी। लेकिन, यह पहली बार है जब दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी के प्रमुख को एक जूरी के सामने इसी तरह के गंभीर सवालों का जवाब देना होगा।
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एक फैसला, हजारों नतीजे
कानूनी और कॉरपोरेट हलकों में इस मुकदमे को 'बेलवेदर ट्रायल' के रूप में देखा जा रहा है। इसका अर्थ है कि इस केस का जो भी परिणाम होगा, वह सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लंबित हजारों समान मुकदमों के लिए एक नजीर का काम करेगा और उनके भविष्य को प्रभावित करेगा। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब केवल मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल का यूट्यूब ही प्रतिवादी बचे हैं, जबकि टिकटॉक  और स्नैप ने पहले ही अपने मामले सुलझा लिए हैं।

क्या है मामला?
वादी पक्ष का प्रतिनिधित्व एक 20 वर्षीय युवती कर रही है, जिसकी पहचान केवल केजीएम नाम से की गई है। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया के शुरुआती उपयोग ने उन्हें इस तकनीक का आदी बना दिया, जिससे उनका डिप्रेशन बढ़ा और आत्महत्या के विचार आने लगे।

प्लेटफॉर्म नहीं, घरेलू हालात जिम्मेदार
मेटा ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वे आरोपों से असहमत हैं और उन्हें भरोसा है कि साक्ष्य युवाओं के समर्थन के लिए उनकी प्रतिबद्धता को साबित करेंगे।

मेटा के वकील पॉल श्मिट ने अपनी शुरुआती दलील में स्वीकार किया कि केजीएम ने मानसिक स्वास्थ्य संघर्षों का सामना किया, लेकिन उन्होंने इसके लिए इंस्टाग्राम को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। श्मिट ने मेडिकल रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए तर्क दिया कि वादी का 'घरेलू जीवन अशांत' था और उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग एक 'कोपिंग मैकेनिज्म' के रूप में किया, न कि बीमारी के कारण के रूप में।

क्लिनिकल एडिक्शन से इनकार
जुकरबर्ग की गवाही से ठीक एक हफ्ते पहले, इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने भी कोर्ट में गवाही दी थी। मोसेरी ने वादी पक्ष के इस सिद्धांत से असहमति जताई कि लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के चिकित्सकीय रूप से आदि हो सकते हैं।

मोसेरी ने कोर्ट में कहा, "लंबे समय में कंपनी के लिए ऐसे निर्णय लेना अच्छा नहीं है जो हमारे लिए तो मुनाफा कमाएं लेकिन लोगों की भलाई के लिए खराब हों।" हालांकि, वादी के वकील मार्क लानियर ने इंस्टाग्राम के 'कॉस्मेटिक फिल्टर' पर तीखे सवाल पूछे थे- एक ऐसा विषय जिस पर जुकरबर्ग को भी घेरा जा सकता है।

एल्गोरिदम पर होगी पूछताछ
बुधवार को होने वाली गवाही में जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम, इनफिनिट फीड' की प्रकृति और उन फीचर्स पर जवाब देना होगा, जिनके बारे में वादी का दावा है कि उन्हें विशेष रूप से यूजर्स को 'हुक' करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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