AI Summit: स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने समिट में भारत के एआई विजन का किया समर्थन, सहयोग बढ़ाने पर ये बोले
स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत के मानव-केंद्रित, सुरक्षित और समावेशी एआई विजन का समर्थन किया और एआई रिसर्च, स्टार्टअप्स व वैश्विक एआई गवर्नेंस में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
विस्तार
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत के सुरक्षित, समावेशी और प्रभावी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम के विजन का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने मानव-केंद्रित, टिकाऊ और समान विकास वाले एआई मॉडल पर भारत के साथ मजबूत सहमति जताई।
एआई के उपयोग से हर व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए
पार्मेलिन ने कहा कि समिट के तीन सूत्र पीपल, प्रोग्रेस और प्लैनेट एआई के संतुलित विकास की सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि दुनिया के हर व्यक्ति को इसका लाभ मिले, साथ ही पर्यावरण और सतत विकास का भी ध्यान रखा जाए।
स्विट्जरलैंड भारत के साथ सहयोग को गहरा करने की संभावनाएं देखता है
उन्होंने भारत की एआई रिसर्च और इनोवेशन में बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड भारत के साथ सहयोग को और गहरा करने की बड़ी संभावनाएं देखता है। पार्मेलिन ने यह भी कहा कि समिट में शामिल स्विस स्टार्टअप्स नई तकनीक और नवाचार के साथ भारतीय साझेदारों के साथ सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं।
जिम्मेदार एआई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड दोनों इस बात पर सहमत हैं कि एआई का इस्तेमाल सार्वजनिक हित, समावेशी आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और स्थिरता के लिए होना चाहिए। साथ ही एआई के वैश्विक शासन को लेकर अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय समझौतों में भारत के साथ करीबी सहयोग को उन्होंने अहम बताया।
द्विपक्षीय सहयोग पर क्या बोले पार्मेलिन?
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर बोलते हुए उन्होंने हाल ही में हुए भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) का जिक्र किया और कहा कि इससे स्विस निर्यात और सेवाओं को भारत में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्विस घड़ियों, मशीनरी और कई रासायनिक उत्पादों को शून्य या अनुकूल शुल्क का लाभ मिल रहा है, वहीं वित्तीय सेवाओं और विशेषज्ञों के अस्थायी प्रवेश के लिए भी प्रक्रियाएं आसान हुई हैं।