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महारानी एलिजाबेथ से भी ज्यादा अमीर हैं ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि की पत्नी, संपत्ति का ब्योरा छिपाने के आरोप में घिरे
Sat, 28 Nov 2020 04:46 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 28 Nov 2020 04:46 PM IST
सार
- इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक
- द गार्जियन के मुताबिक, करोड़ों पाउंड के शेयरों की मालकिन हैं सुनक की पत्नी अक्षता
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Rishi Sunak with wife
- फोटो : Agency
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विस्तार
ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक अपनी पत्नी की संपत्ति के बारे में जानकारी ना देने के आरोप से घिर गए हैं। यहां के अखबार द गार्जियन ने अपनी खोजी रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति करोड़ों पाउंड के शेयरों की मालिक हैं। इसके अलावा वे कई कंपनियों में डायरेक्टर हैं। आरोप है कि ऋषि सुनक ने सरकारी रजिस्टर में इस बारे में जानकारी नहीं दी। जबकि ब्रिटिश नियमों के मुताबिक हर मंत्री के लिए अपनी और अपने जीवनसाथी की तमाम संपत्तियों को घोषित करना अनिवार्य होता है।
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अक्षता मूर्ति भारत के आईटी उद्योग की मशहूर हस्ती नारायण मूर्ति की बेटी हैं। सुनक से उनकी शादी 2009 में हुई। नारायण मूर्ति ने मशहूर आईटी कंपनी इंफोसिस को स्थापित किया था। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक इस कंपनी में अक्षता मूर्ति के मौजूदा शेयरों की कीमत 43 करोड़ पाउंड है। इस आधार पर वे ब्रिटेन की सबसे धनी महिलाओं में एक हैं। उनकी अपनी संपत्ति ब्रिटेन की महारानी से भी ज्यादा है।
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ब्रिटेन के लिए मंत्रियों के लिए बनाई गई संहिता के मुताबिक हर मंत्री के लिए वो तमाम वित्तीय हित घोषित करना जरूरी है, जिसका संबंध बतौर मंत्री उसकी जिम्मेदारी से हो या कर्त्तव्य निभाने के क्रम में जिससे हितों का टकराव हो सकता हो। इसके तहत मंत्रियों को अपना, अपने निकट परिजनों, भाई-बहन, माता-पिता, पत्नी और ससुराल पक्ष के वित्तीय हित घोषित करने पड़ते हैं। माना जाता है कि काम करते हुए मंत्री के हितों का इन सब हितों से टकराव हो सकता है।
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सुनक ने रजिस्टर में अपनी पत्नी के अलावा किसी परिजन का जिक्र नहीं किया है। उन्होंने इसमें सिर्फ यह बताया है कि अक्षता एक ब्रिटिश कैपिटल (पूंजी) कंपनी की मालिक हैं। लेकिन ताजा खोजी रिपोर्ट से सामने आया है कि अक्षता मूर्ति और उनके परिवार वालों के अन्य कई वित्तीय हित ब्रिटेन में मौजूद हैं। द गार्जियन ने इस बारे में एक लंबी सूची छापी है। इससे पता चलता है कि अक्षता मूर्ति की संपत्ति अरबों पाउंड मे जाती है।
द गार्जियन से बातचीत में कमेटी ऑन स्टैंडर्ड्स इन पब्लिक लाइफ (सार्वजनिक जीवन में उच्च मानक) नामक संस्था के पूर्व अध्यक्ष सर एलिस्टर ग्राहम ने कहा कि ऋषि सुनक अपनी और अपने निकट परिजनों की संपत्ति का पूरा ब्योरा देते, यह बेहद अहम है। खास कर यह देखते हुए कि वित्त मंत्री के हाथ में वित्तीय और कारोबारी नीतियां होती हैं।
कमेटी ऑन स्टैंडर्ड्स इन पब्लिक लाइफ ब्रिटेन में सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के आचरण की निगरानी करती है। ग्राहम ने कहा कि ऋषि सुनक ने इस अनिवार्यता के प्रति हलका रुख अपनाया। उन्हें सार्वजनिक जीवन के मूलभूत सिद्धांतों को ध्यान से पढ़ना चाहिए, ताकि वे ईमानदारी से अपना कर्त्तव्य निभा सकें।
द गार्जियन के मुताबिक सुनक और अक्षता मूर्ति ने इस मामले में अपनी कोई टिप्पणी देने से इनकार किया। लेकिन वित्त मंत्रालय ने कहा कि वित्तीय हितों को घोषित करने की सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि मंत्री क्या घोषित करें और क्या नहीं, ये फैसला वे खुद नहीं करते। बल्कि यह निर्णय अफसर और स्वतंत्र सलाहकार करते हैँ। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वतंत्र सलाहकार वित्त मंत्री की तरफ से दी गई इस दलील से संतुष्ट हैं कि उन्होंने मंत्री संहिता का पूरा पालन किया है।
लेकिन द गार्जियन का कहना है कि मंत्री संहिता में यह साफ लिखा है कि मंत्रियों को लिखित रूप में उन सभी वित्तीय हितों की जानकारी देनी होगी, जिनसे हितों के टकराव (कॉन्फिलिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) की स्थिति बन सकती हो। इसमें जीवनसाथी और निकट परिजनों के हित भी शामिल हैं।