Biz Updates: आयुष मंत्रालय और भाषिनी के बीच एआई से जुड़ा एमओयू; अमेरिकी कंपनी ने बंगलूरू में खोला दफ्तर
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आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया भाषिनी प्रभाग ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य आयुष ज्ञान प्रणालियों का भारतीय भाषाओं में तेजी से अनुवाद करना है। यह साझेदारी 'भाषिनी राज्यम' पहल के तहत होगी। यह भाषिनी प्लेटफॉर्म को आयुष मंत्रालय की डिजिटल सेवाओं में एकीकृत करेगी। आयुष ग्रिड के समाधान 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इससे बहुभाषी पहुंच और डिजिटल विस्तार मजबूत होगा। डोमेन-विशिष्ट शब्दावलियां, आयुष भाषा डेटासेट और एआई मॉडल विकसित होंगे।
एफडीएच एयरो ने बेंगलुरु में नया कार्यालय खोला, भारत विस्तार को अहम बताया
अमेरिकी कंपनी एफडीएच एयरो ने बंगलूरू में अपना नया कार्यालय शुरू किया है। कंपनी ने इस फैसले को भारत में विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यालय की शुरुआत के बाद एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग में आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े समाधान मिलेंगे। एफडीएच के हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन एक छत के नीचे काम करेंगे। यह क्षेत्रीय ग्राहकों के लिए एक पूर्ण-समाधान केंद्र के रूप में कार्य करेगा। कंपनी का यह कार्यालय भारत के बढ़ते एयरोस्पेस बाजार में वैश्विक निवेश को भी दिखाता है। एफडीएच हार्डवेयर के अध्यक्ष मैथ्यू लैकी ने मांग में वृद्धि और 'मेक इन इंडिया' पहल का जिक्र करते हुए कहा, नए कार्यालय से टियर 1 शहर के ग्राहकों और निर्माताओं को मदद मिलेगी।
सुनील भारती मित्तल अगले दशक में भारती एयरटेल लि. की कमान बच्चों को सौंपने की योजना बना रहे हैं। उनकी इच्छा प्रवर्तक कंपनी भारती टेलीकॉम में फिर से 50 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने की भी है। मित्तल का मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त होना था, जिसे 30 सितंबर, 2031 तक पांच वर्ष के लिए फिर बढ़ाया गया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आकाश अंबानी को कंपनी का प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है। कंपनी ने आईपीओ से पहले यह नियुक्ति की है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने बताया, आकाश अंबानी को 9 अप्रैल, 2026 से प्रभावी पांच वर्ष के लिए एमडी बनाया गया है। वह अक्तूबर, 2014 से जियो प्लेटफॉर्म्स की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बोर्ड में शामिल हैं।
वैश्विक स्तर पर सुस्ती के बावजूद भारत का इस्पात क्षेत्र लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। सेंट्रम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में भारत का कच्चा इस्पात उत्पादन सालाना आधार पर 11 फीसदी बढ़कर 1.53 करोड़ टन पहुंच गया। इसके उलट, चीन सहित कई बड़े उत्पादक देशों में गिरावट जारी रही। मार्च में वैश्विक उत्पादन 4 फीसदी घट गया।