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Biz Updates: ईपीएफ में 1,800 रुपये से अधिक अंशदान वैकल्पिक; टाटा संस में हिस्सा गिरवी रखेगा एसपी समूह
Fri, 03 Jul 2026 08:46 AM IST
Pavan
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Fri, 03 Jul 2026 08:46 AM IST
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई ईपीएफ योजना-2026 के अनुसार, 12 फीसदी पीएफ अंशदान सिर्फ 15 हजार रुपये प्रति माह की वेतन सीमा तक ही अनिवार्य है। इस सीमा पर बनने वाले 1,800 रुपये (12%) से अधिक का अंशदान पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। इससे कर्मचारियों को अधिकार मिलेगा कि वे वेतन का कितना हिस्सा अपने पीएफ खाते में जमा करना चाहते हैं। अब तक व्यवस्था थी कि कर्मचारी व नियोक्ता दोनों वास्तविक मूल वेतन के आधार पर 12-12% अंशदान करते थे, भले ही वेतन 15,000 रुपये से अधिक क्यों न हो। नई योजना में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए अनिवार्य अंशदान 1,800 रुपये तक सीमित रहेगा। इससे अधिक वेतन पर अंशदान करना अब दोनों पक्षों की सहमति पर निर्भर करेगा।
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रेलवे का मजबूत प्रदर्शन, माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में दर्ज हुई बढ़ोतरी
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में माल ढुलाई और यात्री परिवहन के क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। रेलवे ने जून 2026 में 142.21 मिलियन टन माल की ढुलाई की। जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 136.71 मिलियन टन था। इसमें 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है। माल ढुलाई से रेलवे को करीब 430 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला, जो जून 2025 की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।
जून माह में कई प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उर्वरक की ढुलाई में 19.1 प्रतिशत, अन्य वस्तुओं में 17.3 प्रतिशत, लौह अयस्क में 9.4 प्रतिशत, घरेलू कोयले में 4.9 प्रतिशत, कुल कोयले में 3.6 प्रतिशत और क्लिंकर में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवे द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में दर्ज मजबूत प्रदर्शन वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में हुई लगातार बढ़ोतरी पर आधारित है। इस तिमाही में भारतीय रेल ने 419.08 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 413.05 मिलियन टन था।
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में माल ढुलाई और यात्री परिवहन के क्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। रेलवे ने जून 2026 में 142.21 मिलियन टन माल की ढुलाई की। जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 136.71 मिलियन टन था। इसमें 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखी गई है। माल ढुलाई से रेलवे को करीब 430 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला, जो जून 2025 की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।
जून माह में कई प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उर्वरक की ढुलाई में 19.1 प्रतिशत, अन्य वस्तुओं में 17.3 प्रतिशत, लौह अयस्क में 9.4 प्रतिशत, घरेलू कोयले में 4.9 प्रतिशत, कुल कोयले में 3.6 प्रतिशत और क्लिंकर में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रेलवे द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में दर्ज मजबूत प्रदर्शन वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में हुई लगातार बढ़ोतरी पर आधारित है। इस तिमाही में भारतीय रेल ने 419.08 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 413.05 मिलियन टन था।
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टाटा संस में हिस्सा गिरवी रखेगा एसपी समूह, बॉन्ड से जुटाएगा 25,500 करोड़
टाटा संस में सबसे बड़े भागीदार शापूरजी पलोनजी समूह बॉन्ड इश्यू कर 25,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस भारी-भरकम कर्ज के लिए एसपी समूह टाटा संस में अपनी 18.37 फीसदी हिस्सेदारी के एक हिस्से को गिरवी रखने जा रहा है।
इसका उद्देश्य एसपी समूह पर मौजूदा कर्ज को रीफाइनेंस करना और चुकाना है। यह रीफाइनेंसिंग अप्रैल अंत तक पूरी होनी थी, लेकिन ईरान संघर्ष के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से इसमें देरी हुई। अब एसपी समूह इस बॉन्ड के जरिये देनदारियों को चुकाने के लिए अतिरिक्त समय सुरक्षित कर रहा है। बॉन्ड की शर्तों में एक सख्त नियम शामिल है, जिसके तहत एसपी समूह को बॉन्ड जारी होने के 24 महीनों के भीतर कम से कम 13,500 करोड़ का कर्ज चुकाना होगा। ऐसा न करने पर डिफॉल्ट माना जाएगा। शर्तों में स्पष्ट है कि इश्यू जारी होने के 18 महीने में या तो टाटा संस को आईपीओ लाना होगा या फिर एसपी समूह को टाटा की होल्डिंग कंपनी के साथ अपनी हिस्सेदारी के मालिकाना हक पर अंतिम समझौता करना होगा।
टाटा संस में सबसे बड़े भागीदार शापूरजी पलोनजी समूह बॉन्ड इश्यू कर 25,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस भारी-भरकम कर्ज के लिए एसपी समूह टाटा संस में अपनी 18.37 फीसदी हिस्सेदारी के एक हिस्से को गिरवी रखने जा रहा है।
इसका उद्देश्य एसपी समूह पर मौजूदा कर्ज को रीफाइनेंस करना और चुकाना है। यह रीफाइनेंसिंग अप्रैल अंत तक पूरी होनी थी, लेकिन ईरान संघर्ष के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से इसमें देरी हुई। अब एसपी समूह इस बॉन्ड के जरिये देनदारियों को चुकाने के लिए अतिरिक्त समय सुरक्षित कर रहा है। बॉन्ड की शर्तों में एक सख्त नियम शामिल है, जिसके तहत एसपी समूह को बॉन्ड जारी होने के 24 महीनों के भीतर कम से कम 13,500 करोड़ का कर्ज चुकाना होगा। ऐसा न करने पर डिफॉल्ट माना जाएगा। शर्तों में स्पष्ट है कि इश्यू जारी होने के 18 महीने में या तो टाटा संस को आईपीओ लाना होगा या फिर एसपी समूह को टाटा की होल्डिंग कंपनी के साथ अपनी हिस्सेदारी के मालिकाना हक पर अंतिम समझौता करना होगा।
एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स को 41.06 करोड़ का नोटिस
द पार्क और फ्लूरिज जैसे ब्रांड के स्वामित्व वाली एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स लि. को आयकर विभाग से 2024-25 के लिए ब्याज सहित 41.06 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने कहा, यह आदेश विस्तृत जांच के बाद किए गए आकलन से जुड़ा है। इसमें आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत कुछ आय को जोड़ा गया और कुछ खर्च को अस्वीकृत किया गया है। कंपनी ने कहा, हम निर्धारित समयसीमा के भीतर इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेंगे।
द पार्क और फ्लूरिज जैसे ब्रांड के स्वामित्व वाली एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स लि. को आयकर विभाग से 2024-25 के लिए ब्याज सहित 41.06 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने कहा, यह आदेश विस्तृत जांच के बाद किए गए आकलन से जुड़ा है। इसमें आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत कुछ आय को जोड़ा गया और कुछ खर्च को अस्वीकृत किया गया है। कंपनी ने कहा, हम निर्धारित समयसीमा के भीतर इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करेंगे।