सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   CBI has arrested two Senior Executives D Vishwanath and Anil Kalya of Reliance Communications

RCom: धोखाधड़ी से जुड़े मामले में सीबीआई का एक्शन, ₹19694 करोड़ के घोटाले में दो शीर्ष अधिकारी गिरफ्तार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Mon, 20 Apr 2026 05:52 PM IST
विज्ञापन
सार

रिलायंस कम्युनिकेशंस बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने अनिल अंबानी की कंपनी के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। 19,694 करोड़ के नुकसान की पूरी खबर पढ़ें। अभी क्लिक करें।

CBI has arrested two Senior Executives D Vishwanath and Anil Kalya of Reliance Communications
अनिल अंबानी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

भारतीय बैंकिंग प्रणाली को प्रभावित करने वाले एक बड़े घटनाक्रम में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बैंक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कॉर्पोरेट ऋणों की कथित हेराफेरी और शेल कंपनियों के माध्यम से किए गए संदिग्ध लेनदेन की जांच का परिणाम है। 

Trending Videos

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दर्ज मामले में कार्रवाई

सीबीआई ने यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से दर्ज कराई गई एक आधिकारिक शिकायत के बाद की है। सीबीआई ने इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल डी अंबानी और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक नियमित मामला दर्ज किया है। एसबीआई की शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि बैंक ने आरोपी कंपनी को क्रेडिट सुविधाएं स्वीकृत की थीं, लेकिन उधारकर्ताओं की कथित धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियों के कारण बैंक को बड़ा नुकसान हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

कितना बड़ा है घोटाला?

इस वित्तीय धोखाधड़ी का प्रभाव बेहद व्यापक है और यह केवल एक बैंक तक सीमित नहीं है:

  • अकेले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को लगभग 2929.05 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
  • इस धोखाधड़ी के कारण 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों (एफआई) को कुल मिलाकर 19,694.33 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

कैसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम?

  • सीबीआई की अब तक की जांच में इस वित्तीय हेराफेरी के तरीकों का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने मुख्य रूप से धोखाधड़ी के दो बड़े बिंदु उजागर किए हैं:
  • शेल कंपनियों का उपयोग: रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कंपनी के ही अधिकारियों द्वारा नियंत्रित शेल (फर्जी) संस्थाओं के माध्यम से घुमावदार लेनदेन किए।
  • फर्जी लेनदेन और एलसी का दुरुपयोग: जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी ने अपने समूह की ही अन्य संस्थाओं के साथ फर्जी सेवा-संबंधित लेनदेन दिखाकर लेटर ऑफ क्रेडिट  को डिस्काउंट कराया था। 
  • बाद में ये सभी लेटर ऑफ क्रेडिट डिफॉल्ट हो गए, जो अंततः बैंकों के लिए एक बहुत बड़े वित्तीय नुकसान का मुख्य कारण बने।

सीबीआई ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रिलायंस कम्युनिकेशंस के जिन दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान डी विश्वनाथ और अनिल काल्या के रूप में हुई है। 19,694 करोड़ रुपये से अधिक के इस डिफ़ॉल्ट मामले में सीबीआई की आगे की जांच जारी है, जो कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और शेल कंपनियों के नेटवर्क पर केंद्रित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed