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भारत पर भरोसा: विश्व बैंक ने 2026-27 के लिए विकास अनुमान बढ़ाकर 6.6 फीसदी किया, मजबूत घरेलू मांग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:17 PM IST
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सार
विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.6 फीसदी कर दिया है, जो पहले 6.3 फीसदी था। दक्षिण एशिया के देशों में विकास दर घट रही है, लेकिन भारत इस क्षेत्र का सबसे मजबूत और स्थिर आर्थिक इंजन बना हुआ है। पढ़िए रिपोर्ट-
World Bank, विश्व बैंक
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक ताकत पर भरोसा जताया है। उसने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का विकास अनुमान 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। यह संशोधन ऐसे समय हुआ, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे मजबूत स्थान पर है। जहां पूरे क्षेत्र की विकास दर धीमी पड़ रही है, वहीं भारत इस क्षेत्र के लिए स्थिरता और वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया की कुल विकास दर 2025 में 7 फीसदी से घटकर 2026 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता है, जिसने आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डाला है। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो इससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है और केंद्रीय बैंकों को सख्त नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं।
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घरेलू मांग है भारत की ताकत
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में है। 2025-26 में देश की विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो इस वित्त वर्ष में घटकर 6.6 फीसदी हो सकती है। मजबूत घरेलू मांग भारत की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया की कुल विकास दर 2025 में 7 फीसदी से घटकर 2026 में 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता है, जिसने आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव डाला है। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो इससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है और केंद्रीय बैंकों को सख्त नीतियां अपनानी पड़ सकती हैं।
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घरेलू मांग है भारत की ताकत
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में है। 2025-26 में देश की विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो इस वित्त वर्ष में घटकर 6.6 फीसदी हो सकती है। मजबूत घरेलू मांग भारत की अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है।