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अमेरिका से टैरिफ जंग में भारत की लगी लॉटरी: भारतीय दवाओं के लिए यूरोप ने खोले दरवाजे; निर्यात को मिली हरी झंडी

Tue, 28 Jul 2026 05:52 AM IST
प्रशांत तिवारी अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 28 Jul 2026 05:52 AM IST
सार

अमेरिका के साथ टैरिफ तनाव के बीच यूरोप ने भारतीय दवा उद्योग के लिए बड़ा अवसर पैदा किया है। सीडीएससीओ ने तीन भारतीय कंपनियों को यूरोपीय संघ में एपीआई निर्यात की मंजूरी दी है। इससे भारतीय जेनेरिक दवाओं की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी, निर्यात को गति मिलेगी और यूरोपीय बाजार में भारत की हिस्सेदारी मजबूत होगी। हालांकि कंपनियों को सख्त गुणवत्ता मानकों का लगातार पालन करना होगा।

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Europe buy medicines from Indian companies West takes significant decision amidst tariff tensions with US
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के साथ टैरिफ तनाव के बीच यूरोप ने भारतीय दवा कंपनियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कई भारतीय कंपनियों को यूरोपीय संघ (ईयू) में दवाओं के कच्चे पदार्थ यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात के लिए लिखित मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि ये कंपनियां अब यूरोप के सख्त गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए कैंसर, एंटीबायोटिक और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एपीआई का निर्यात कर सकेंगी।

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भारतीय कंपनियों को किन शर्तों पर मिली मंजूरी
सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि मंजूरी मिलने के बाद भी सभी कंपनियों को लगातार गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है, दवा की गुणवत्ता मानकों से कम पाई जाती है या स्थानीय अथवा अंतरराष्ट्रीय नियामकों की रिपोर्ट में कोई अनियमितता सामने आती है, तो इसकी जानकारी सात दिनों के भीतर देनी होगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में यह मंजूरी तत्काल निलंबित या रद्द की जा सकती है।
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इस समझौते से भारत और यूरोप को क्या होगा फायदा
दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर लगने वाले कर समाप्त होने से भारतीय जेनेरिक दवाएं यूरोप में और अधिक सस्ती तथा प्रतिस्पर्धी बनेंगी। साथ ही, प्रशासनिक लागत कम होगी और नियमों के सरल होने से दवाओं को यूरोप में मंजूरी मिलने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज हो जाएगी।
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किन भारतीय कंपनियों को मिली यूरोप में निर्यात की मंजूरी
यूरोपीय संघ में एपीआई निर्यात की मंजूरी पाने वाली कंपनियों में ऑनर लैब लिमिटेड (तेलंगाना), रवि बायोलाइफ प्राइवेट लिमिटेड (महाराष्ट्र) और यूनीमैक्स केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड (महाराष्ट्र) शामिल हैं।

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