Explainer: OFS के बाद LIC के शेयर धड़ाम! सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम में हिस्सेदारी भारी छूट पर क्यों बेची?
एलआईसी के ऑफर फॉर सेल (OFS) को बंपर सब्सक्रिप्शन मिला है। अब सवाल ये उठ रहा है कि ओएफएस के बाद एलआईसी के शेयर क्यों गिरे? भारतीय जीवन बीमा निगम में सरकार ने अपनी हिस्सेदारी भारी छूट पर क्यों बेची? जानिए इन सवालों के जवाब
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विस्तार
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) निवेशकों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के साथ दो दिन में बंद हो गया। सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का भी इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सेबी की समय सीमा से पहले एलआईसी में सार्वजनिक स्वामित्व बढ़कर 10 फीसदी हो गया है। ओएफएस में कुल 31,552 करोड़ रुपये की राशि के लिए 82 करोड़ से अधिक शेयर आवंटित किए गए।
ओएफएस क्या है?
- ओएफएस किसी सूचीबद्ध कंपनी के मौजूदा शेयरधारक को स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से शेयर बेचने की अनुमति देता है। एलआईसी के मामले में, भारत सरकार अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। एलआईसी नए शेयर जारी नहीं कर रही है और न ही उसे इस सौदे से कोई पैसा मिलेगा। पूरी राशि सरकार के पास जाएगी।
- इसका मतलब है कि एलआईसी के कुल शेयरों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार की हिस्सेदारी घटेगी, जबकि आम निवेशकोंं की शेयरहोल्डिंग बढ़ेगी।
सरकार ने क्यों बेचे शेयर?
सरकार के पास अब तक एलआईसी में 96.5 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि आम जनता (सार्वजनिक निवेशकों) के पास केवल 3.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। यह हिस्सेदारी बिक्री एलआईसी को समय से पहले न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करने में मदद करेगी।
- सेबी ने एलआईसी को 16 मई, 2027 तक कम से कम 10 फीसदी सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग तक पहुंचने का समय दिया था। 382 रुपये के फ्लोर प्राइस पर 82.22 करोड़ शेयरों की पूरी बिक्री से सरकार के विनिवेश खजाने में 31,000 करोड़ से अधिक की राशि भी आ गई है।
क्यों गिर रहे शेयर?
- सरकार ने 382 रुपये फ्लोर प्राइस तय किया है, जो एलान से पहले के बंद भाव (428.50 रुपये) से 10.9 फीसदी कम है। जब पता चला कि एलआईसी का शेयर ओएफएस में सस्ता मिल रहा है, तो लोगों ने खुले बाजार में महंगा खरीदना बंद कर दिया और भाव ओएफएस प्राइस के करीब आ गया।
- इस बिक्री से एलआईसी के शेयरों की संख्या लगभग तीन गुनी हो जाएगी। जब बाजार में किसी चीज की सप्लाई अचानक बहुत बढ़ जाती है, तो कीमत कुछ समय के लिए दबाव में आ जाती है।
कैसा है एलआईसी का प्रदर्शन?
एलआईसी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नई पॉलिसियों की लाभप्रदता में मजबूत सुधार किया है। नए व्यवसाय का मूल्य 41.6 फीसदी बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये हो गया। मार्जिन 17.6 फीसदी से सुधरकर 21.2 फीसदी हो गया। नए प्रीमियम के प्रत्येक रुपये पर अधिक फायदा हो रहा है। कंपनी का लाभ 19.3 फीसदी बढ़कर 57,419 करोड़ हो गया।