FSSAI: सड़े अंडे और एक्सपायर्ड सामान डिलीवर करने पर स्विगी-इंस्टामार्ट को एफएसएसएआई का नोटिस, जानें पूरा मामला
सड़े अंडे, एक्सपायर्ड दूध और दूषित शिशु आहार डिलीवर करने पर स्विगी इंस्टामार्ट पर एफएसएसएआई का बड़ा एक्शन। फूड रेगुलेटर ने जारी किए नौ कड़े नोटिस। पूरी रिपोर्ट पढ़ें और जानें क्या है मामला।
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क्या आप भी '10 मिनट की डिलीवरी' के भरोसे अपनी रसोई का सारा सामान क्विक कॉमर्स ऐप्स से मंगाते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा अलर्ट है। भारत के शीर्ष फूड रेगुलेटर, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने क्विक कॉमर्स दिग्गज स्विगी इंस्टामार्ट को एक या दो नहीं, बल्कि पूरे नौ कड़े नोटिस जारी किए हैं। ग्राहकों की लगातार आ रही गंभीर शिकायतों के बाद रेगुलेटर ने यह कड़ा कदम उठाया है। इन शिकायतों में कंपनी पर सड़ा-गला खाना, एक्सपायर्ड दूध और दूषित शिशु आहार डिलीवर करने के बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं। नियामक ने साफ कर दिया है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
स्विगी इंस्टामार्ट पर एफएसएसएआई ने यह शिकंजा क्यों कसा है?
यह पूरी कार्रवाई ग्राहकों की उन शिकायतों के बाद शुरू हुई है जिनमें क्विक डिलीवरी ऐप द्वारा एक्सपायर्ड, सड़े हुए, और इंसानी उपभोग के लिए पूरी तरह से असुरक्षित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति का दावा किया गया है। एफएसएसएआई के नोटिस के मुताबिक, इन मुख्य मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई है:
- सड़े अंडे और बदबूदार पराठे की डिलीवरी: शिकायतों में कहा गया कि एप से डिलीवर किए गए अक्षय कल्प ऑर्गेनिक एग्स पूरी तरह सड़े हुए, दूषित और बदबू मार रहे थे। इसके अलावा कक्के दा पराठा भी सड़ा हुआ पाया गया जो खाने के लायक बिल्कुल नहीं था।
- एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स की धड़ल्ले से बिक्री: ग्राहकों को हेल्दीफाई 100% व्हे प्रोटीन (1 किलो) और नॉयस होमस्टाइल मद्रास मिक्सचर जैसे सामान उनकी एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) निकलने के बाद भी डिलीवर कर दिए गए।
- मासूम बच्चों की सेहत से खिलवाड़: एक बेहद संवेदनशील मामले में पाया गया कि डिलीवर किया गया शिशु आहार (इन्फेंट फूड) खराब हालत में और दूषित था। हैरान करने वाली बात यह है कि ग्राहक द्वारा इसे वापस करने के बाद स्विगी इंस्टामार्ट ने उसी दोषपूर्ण प्रोडक्ट को दोबारा ग्राहक के पास भेज दिया!
- लाइसेंसिंग और ब्रांडिंग में बड़ी गड़बड़ी: 'नॉयस एग्स' को एक ऐसे ब्रांड नाम के तहत बेचा जा रहा था जो कंपनी के मौजूदा एफएसएसएआई लाइसेंस के स्वीकृत प्रोडक्ट कैटेगरी में शामिल ही नहीं था।
ग्राहकों की शिकायतों पर कंपनी का क्या रवैया रहा?
एफएसएसएआई की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतें मिलने और मामला आगे बढ़ाए जाने (एस्केलेट होने) के बावजूद स्विगी इंस्टामार्ट की तरफ से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया या निवारण कदम नहीं उठाया गया। नियामक ने पाया कि गंभीर खाद्य सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के बजाय, स्विगी इंस्टामार्ट ने ग्राहकों को सीधे रिफंड (पैसे वापस) करने की पेशकश कर दी, जिससे मुख्य समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। ग्राहकों की शिकायतों की इस तरह की अनदेखी को नियामक ने बेहद गंभीरता से लिया है।
क्विक कॉमर्स और फूड सेक्टर पर इसका क्या असर होगा?
इस बड़ी नियामक कार्रवाई ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एफएसएसएआई ने इस नोटिस के जरिए स्विगी इंस्टामार्ट के सेलर ऑनबोर्डिंग (विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म पर जोड़ना), उनके लाइसेंस सत्यापन, खाद्य गुणवत्ता की निगरानी और शिकायतों के निवारण तंत्र की खामियों को उजागर किया है। इस घटना के बाद पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर (जैसे जोमैटो ब्लिंकिट, जेप्टो आदि) में खाद्य गुणवत्ता और कोल्ड-चेन स्टोरेज को लेकर कड़े नियमों का दौर शुरू हो सकता है। कंपनियों को अब 10 मिनट की सुपरफास्ट डिलीवरी के साथ-साथ कड़े गुणवत्ता मानकों का भी सख्ती से पालन करना होगा।
फूड रेगुलेटर ने आगे की कार्रवाई के लिए क्या चेतावनी दी है?
एफएसएसएआई ने स्विगी इंस्टामार्ट को कड़ी चेतावनी देते हुए खाद्य सुरक्षा और मानक (एफएसएस) अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। कंपनी को अपनी इन्वेंट्री मैनेजमेंट, स्टॉक रोटेशन, गुणवत्ता नियंत्रण, स्टोरेज और हाइजीन व्यवस्था से जुड़े सभी दस्तावेजी सबूतों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुधारात्मक और निवारक उपायों (सीएपीए) की रिपोर्ट भी तय समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा कंपनी को कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ेगा। रफ्तार की होड़ में ग्राहकों की सेहत से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता और एफएसएसएआई का यह कदम इसी दिशा में एक बड़ा संदेश है।