DGCA: इंडिगो को डीजीसीए की फटकार, खतरनाक सामान के प्रबंधन में बड़ी चूक का मामला, क्या होगा अब?
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो को खतरनाक सामान के प्रबंधन में चूक के लिए चेतावनी पत्र जारी किया है। जनवरी 2026 में कार्गो के फैलाव और मानक संचालन प्रक्रियाओं से विचलन के बाद यह कार्रवाई की गई है। इंडिगो को सुधारात्मक कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो को खतरनाक सामान के प्रबंधन से संबंधित कुछ प्रावधानों में चूक के लिए चेतावनी पत्र जारी किया है। यह जानकारी एक नियामक फाइलिंग में सामने आई है। विमानन नियामक ने यह कार्रवाई जनवरी 2026 में एक उड़ान के आगमन के बाद कार्गो के फैलाव की रिपोर्ट के बाद की है।
क्या है पूरा मामला?
डीजीसीए द्वारा इंडिगो को जारी किया गया यह चेतावनी पत्र जनवरी 2026 में हुई एक घटना से संबंधित है। उस समय एक उड़ान के उतरने के बाद जमीन पर कार्गो का फैलाव देखा गया था। इसके बाद हुई ऑडिट जांच में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और विमान (खतरनाक सामान का परिवहन) नियम, 2026 के कुछ प्रावधानों से विचलन पाया गया। हालांकि, इस घटना के विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
खतरनाक सामान के लिए क्या हैं नियम?
विमानों में खतरनाक सामान के प्रबंधन और परिवहन के लिए बहुत सख्त नियम लागू हैं। इन नियमों का पालन यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। किसी भी प्रकार की चूक से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। डीजीसीए इन नियमों के अनुपालन पर कड़ी निगरानी रखता है।
इंडिगो को क्या निर्देश दिए गए हैं?
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने अपनी फाइलिंग में बताया कि डीजीसीए के निर्देशानुसार, कंपनी को इस संबंध में की गई सुधारात्मक कार्रवाइयों पर एक रिपोर्ट जमा करनी होगी। इंडिगो ने कहा कि इस घटना का उसके वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरलाइन ने यह भी बताया कि जानकारी के खुलासे में देरी अनजाने में हुई थी। यह देरी संबंधित पत्र की प्राप्ति के विवरण के आंतरिक संचार में देरी के कारण हुई।