सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Global Central Banks Add 17 Tonnes Gold in April, India Skips Buying Amid Market Volatility

Gold Buying: केंद्रीय बैंकों ने अप्रैल में खरीदा 17 टन सोना, भारत ने बनाई दूरी; चीन और पोलैंड सबसे आगे

बोनस डेस्क, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 05 Jun 2026 07:09 AM IST
विज्ञापन
सार

Central Banks Gold Buying: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब अनिश्चितता बढ़ रही है, तो सवाल उठता है क्या सोना फिर से दुनिया का सबसे भरोसेमंद सहारा बन गया है? केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद और भारत की दूरी क्या किसी बड़े बदलाव का संकेत दे रही है?

Global Central Banks Add 17 Tonnes Gold in April, India Skips Buying Amid Market Volatility
केंद्रीय बैंकों ने खरीदा 17 टन सोना - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार

वैश्विक सराफा बाजार और अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल के बीच दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों का झुकाव फिर सुरक्षित निवेश के लिए सोने की तरफ बढ़ गया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में बड़े पैमाने पर सोना बेचने के बाद केंद्रीय बैंक अप्रैल में फिर शुद्ध खरीदार बन गए। केंद्रीय बैंकों ने अप्रैल में शुद्ध रूप से 17 टन सोने की खरीद की। हालांकि, भारत ने खरीद से दूरी बनाए रखी। 



नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार रहा, जिसने अकेले 14 टन सोना खरीदा। चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपने रिजर्व में 8 टन सोना जोड़ा। दिसंबर, 2024 के बाद से यह चीन की सबसे बड़ी मासिक खरीद है। वह लगातार 18 महीनों से सोना खरीद रहा है, जिससे उसका कुल स्वर्ण भंडार 2,322 टन हो गया है। चेक गणराज्य ने लगातार 38वीं मासिक खरीद करते हुए दो टन सोना जोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन




भारत ने इस साल खरीदा सिर्फ 200 किलोग्राम सोना
मौजूदा संकट के बीच एक तरफ दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, वहीं आरबीआई ने अप्रैल में कोई खरीदारी नहीं की। आरबीआई ने 2026 में अब तक सिर्फ मार्च में 200 किलोग्राम सोना खरीदा है। इससे पहले 2025 में 4.2 टन और 2024 में रिकॉर्ड 72.6 टन सोना खरीदा था। अभी आरबीआई का स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर स्थिर है।
विज्ञापन
Trending Videos


चीन सोची-समझी रणनीति के तहत खरीद रहा सोना
जेपी मॉर्गन के अनुसार, चीन सोची-समझी रणनीति के तहत सोना खरीद रहा है। चीन का मुख्य मकसद अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करना है, ताकि किसी चरम स्थिति (युद्ध या गंभीर टकराव) में वह अमेरिकी प्रतिबंधों से बच सके। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने जिस तरह रूस के डॉलर रिजर्व को फ्रीज किया, उससे चीन सतर्क हो गया है।

रूस लगातार कर रहा बिकवाली
रूस ने लगातार चौथे महीने अप्रैल में 6 टन सोना बेचा और इस साल अब तक 22 टन बेच चुका है। उज्बेकिस्तान ने अप्रैल में एक टन सोना बेचा, लेकिन इस साल की कुल खरीद (24 टन) के मामले में वह पोलैंड के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर बना हुआ है। मार्च में सबसे ज्यादा सोना बेचने वाले तुर्किये का रुख अप्रैल में लगभग स्थिर रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed