Gold Rate: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सोने में 17 साल की सबसे बड़ी गिरावट, मार्च में 14.5 फीसदी तक टूटे दाम
मार्च में सोने की कीमतों में 14.5% की गिरावट आई, जो 17 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट है। डॉलर, बॉन्ड यील्ड और अन्य कमोडिटी में तेजी के चलते सोने पर दबाव बना, हालांकि लंबी अवधि में इसमें मजबूती बनी हुई है।
विस्तार
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के बीच मार्च में सोने की कीमतों में 17 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान सोना करीब 14.5 फीसदी सस्ता हो गया। इससे पहले अक्तूबर 2008 में सोने में लगभग 16.8 फीसदी की गिरावट देखी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरे सोने के दाम
मौजूदा समय में कॉमेक्स पर सोना करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर है, जो महीने की शुरुआत में करीब 5,400 डॉलर प्रति औंस था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे मुनाफावसूली, डॉलर इंडेक्स में तेजी, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल जैसी अन्य कमोडिटी में आई तेजी जैसे प्रमुख कारण रहे, जिन्होंने सोने पर दबाव बनाया।
चार वर्षों में सोने के ट्रेडिंग पैटर्न में आया बदलाव
जानकारों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में सोने के ट्रेडिंग पैटर्न में बदलाव आया है। यूक्रेन युद्ध से पहले सोने की कीमत बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर के विपरीत दिशा में चलती थी, लेकिन बाद में यह संबंध बदल गया, खासकर 2025 और 2026 की शुरुआत में तेज उछाल के दौरान।
हालांकि, ईरान युद्ध के बाद सोना फिर से अपने पारंपरिक रुझान पर लौटता दिख रहा है। बॉन्ड यील्ड और डॉलर दोनों में बढ़ोतरी के बीच सोने ने अपनी पारंपरिक विपरीत संवेदनशीलता दिखाई, जिसके चलते इसकी कीमतों में गिरावट आई।
दीर्घकालिक नजरिए से सोने की स्थिति?
इसके बावजूद, दीर्घकालिक नजरिए से सोना मजबूत बना हुआ है। पिछले एक साल में इसकी कीमतों में 45% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है, जबकि बीते छह महीनों में यह करीब 18% चढ़ा है।