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क्या आप भी बदलना चाहते हैं नौकरी!: 46% भारतीय कर रहे हैं यही तैयारी, इस कंपनी में काम करना पहली पसंद!
Wed, 05 Aug 2026 04:30 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 05 Aug 2026 04:30 PM IST
सार
रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च 2026 में गूगल, टाटा ग्रुप और अमेजन देश के टॉप एम्प्लॉयर चुने गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 46% भारतीय कर्मचारी अगले छह महीनों में नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, जिससे साफ है कि अब टेक टैलेंट और वर्कफोर्स सिर्फ भारी-भरकम पैकेज ही नहीं बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस और करियर ग्रोथ को सबसे ज्यादा तरजीह दे रही है। रिपोर्ट में क्या-क्या दावा किया गया है? जानिए...
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नंबर-1 एम्पलॉयर
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत में नौकरी करने वाले लोगों की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। कर्मचारी अब सिर्फ अच्छी सैलरी ही नहीं, बल्कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस, करियर ग्रोथ, समान अवसर और कंपनी की प्रतिष्ठा को भी अहम मान रहे हैं। इसका संकेत रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2026 की ताजा रिपोर्ट से मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल लगातार भारत का सबसे आकर्षक एम्प्लॉयर ब्रांड बना हुआ है। इस सूची में टाटा समूह दूसरे और अमेजन तीसरे स्थान पर रहे हैं।
रैंडस्टैड की यह रिपोर्ट दुनिया के 34 देशों में किए गए सर्वे पर आधारित है। इसमें 1.75 लाख से अधिक लोगों की राय शामिल की गई, जबकि भारत में करीब 3,500 कर्मचारियों ने सर्वे में हिस्सा लिया। रिपोर्ट का उद्देश्य यह समझना था कि कर्मचारी नौकरी चुनते समय किन बातों को सबसे अधिक महत्व देते हैं और कंपनियों की ब्रांड छवि उनके फैसले को किस तरह प्रभावित करती है।
टॉप-10 एम्प्लॉयर ब्रांड्स में किन कंपनियों को मिली जगह?
यह सूची बताती है कि भारतीय कर्मचारियों के बीच टेक्नोलॉजी, आईटी और बड़े कॉर्पोरेट समूहों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
46% कर्मचारी बदलना चाहते हैं नौकरी: रिपोर्ट
रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि भारत के 46 प्रतिशत कर्मचारी अगले छह महीनों के भीतर नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 32 प्रतिशत कर्मचारियों ने पिछले छह महीनों के दौरान अपनी नौकरी बदली है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय नौकरी बाजार में कर्मचारियों की आवाजाही तेज बनी हुई है और कंपनियों के सामने प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है।
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कर्मचारियों की क्या हैं प्राथमिकताएं?
रैंडस्टैड की रिपोर्ट बताती है कि नौकरी चुनने के दौरान भारतीय कर्मचारी कई पहलुओं पर ध्यान देते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं:-
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के लिए अब केवल ऊंचा वेतन ही पर्याप्त नहीं है। वे ऐसे कार्यस्थल चाहते हैं, जहां व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन हो तथा सीखने और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
यह भी पढ़ें: Forbes: 27 कंपनियों के साथ भारत दूसरे नंबर पर, बेस्ट अंडर-ए बिलियन सूची में 28 कंपनियों के साथ चीन सबसे आगे
टेक सेक्टर के कर्मचारियों की सोच अलग
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की प्राथमिकताएं कुछ अलग हैं। इस वर्ग के कर्मचारी प्रतिस्पर्धी वेतन और तेज करियर ग्रोथ को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। यदि उन्हें बेहतर अवसर या अपेक्षित वेतन नहीं मिलता, तो वे नौकरी बदलने का फैसला जल्दी ले लेते हैं।
रैंडस्टैड इंडिया ने क्या कहा?
रैंडस्टैड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नारायण अय्यर ने कहा कि जब देश का लगभग आधा टैलेंट नई नौकरी की तलाश में हो, तो कंपनियों को केवल सुविधाएं देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, कर्मचारियों को आकर्षित करने और लंबे समय तक बनाए रखने के लिए संस्थानों को बेहतर वेतन, लचीली कार्य व्यवस्था, निष्पक्ष कार्य संस्कृति, स्पष्ट करियर ग्रोथ और उद्देश्यपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराना होगा। अय्यर ने आगे कहा कि आने वाले समय में वही कंपनियां सबसे सफल एम्प्लॉयर ब्रांड बनेंगी, जो कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप विकास, लचीलापन, समान अवसर और बेहतर कार्य संस्कृति का संतुलन बना सकेंगी।
बदल रही है भारतीय वर्कफोर्स की सोच
रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय कर्मचारी अब ऐसे बैलेंस्ड एम्प्लॉयर की तलाश में हैं, जहां केवल अच्छी सैलरी ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुष्टि, सीखने के अवसर, सुरक्षित कार्य वातावरण और व्यक्तिगत जीवन के लिए पर्याप्त समय भी मिले। यही वजह है कि कंपनियों के लिए अब मजबूत एम्प्लॉयर ब्रांड बनाना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
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रैंडस्टैड की यह रिपोर्ट दुनिया के 34 देशों में किए गए सर्वे पर आधारित है। इसमें 1.75 लाख से अधिक लोगों की राय शामिल की गई, जबकि भारत में करीब 3,500 कर्मचारियों ने सर्वे में हिस्सा लिया। रिपोर्ट का उद्देश्य यह समझना था कि कर्मचारी नौकरी चुनते समय किन बातों को सबसे अधिक महत्व देते हैं और कंपनियों की ब्रांड छवि उनके फैसले को किस तरह प्रभावित करती है।
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टॉप-10 एम्प्लॉयर ब्रांड्स में किन कंपनियों को मिली जगह?
- गूगल
- टाटा ग्रुप
- अमेजन
- सैमसंग इंडिया
- इन्फोसिस
- रिलायंस इंडस्ट्रीज़
- आईटीसी समूह
- हिंदुस्तान यूनिलीवर
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड
यह सूची बताती है कि भारतीय कर्मचारियों के बीच टेक्नोलॉजी, आईटी और बड़े कॉर्पोरेट समूहों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
46% कर्मचारी बदलना चाहते हैं नौकरी: रिपोर्ट
रिपोर्ट की सबसे अहम बात यह है कि भारत के 46 प्रतिशत कर्मचारी अगले छह महीनों के भीतर नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं। वहीं, 32 प्रतिशत कर्मचारियों ने पिछले छह महीनों के दौरान अपनी नौकरी बदली है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय नौकरी बाजार में कर्मचारियों की आवाजाही तेज बनी हुई है और कंपनियों के सामने प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है।
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कर्मचारियों की क्या हैं प्राथमिकताएं?
रैंडस्टैड की रिपोर्ट बताती है कि नौकरी चुनने के दौरान भारतीय कर्मचारी कई पहलुओं पर ध्यान देते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं:-
- वर्क-लाइफ बैलेंस।
- आकर्षक वेतन और लाभ।
- करियर में आगे बढ़ने के अवसर।
- समानता और निष्पक्ष कार्य संस्कृति।
- कंपनी की प्रतिष्ठा और स्थिरता।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के लिए अब केवल ऊंचा वेतन ही पर्याप्त नहीं है। वे ऐसे कार्यस्थल चाहते हैं, जहां व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बीच बेहतर संतुलन हो तथा सीखने और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
यह भी पढ़ें: Forbes: 27 कंपनियों के साथ भारत दूसरे नंबर पर, बेस्ट अंडर-ए बिलियन सूची में 28 कंपनियों के साथ चीन सबसे आगे
टेक सेक्टर के कर्मचारियों की सोच अलग
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की प्राथमिकताएं कुछ अलग हैं। इस वर्ग के कर्मचारी प्रतिस्पर्धी वेतन और तेज करियर ग्रोथ को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। यदि उन्हें बेहतर अवसर या अपेक्षित वेतन नहीं मिलता, तो वे नौकरी बदलने का फैसला जल्दी ले लेते हैं।
रैंडस्टैड इंडिया ने क्या कहा?
रैंडस्टैड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नारायण अय्यर ने कहा कि जब देश का लगभग आधा टैलेंट नई नौकरी की तलाश में हो, तो कंपनियों को केवल सुविधाएं देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, कर्मचारियों को आकर्षित करने और लंबे समय तक बनाए रखने के लिए संस्थानों को बेहतर वेतन, लचीली कार्य व्यवस्था, निष्पक्ष कार्य संस्कृति, स्पष्ट करियर ग्रोथ और उद्देश्यपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराना होगा। अय्यर ने आगे कहा कि आने वाले समय में वही कंपनियां सबसे सफल एम्प्लॉयर ब्रांड बनेंगी, जो कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप विकास, लचीलापन, समान अवसर और बेहतर कार्य संस्कृति का संतुलन बना सकेंगी।
बदल रही है भारतीय वर्कफोर्स की सोच
रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय कर्मचारी अब ऐसे बैलेंस्ड एम्प्लॉयर की तलाश में हैं, जहां केवल अच्छी सैलरी ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुष्टि, सीखने के अवसर, सुरक्षित कार्य वातावरण और व्यक्तिगत जीवन के लिए पर्याप्त समय भी मिले। यही वजह है कि कंपनियों के लिए अब मजबूत एम्प्लॉयर ब्रांड बनाना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।