France: जयशंकर की मौजूदगी में मैक्रों का अमेरिका-चीन पर वार, ‘नए औपनिवेशिक वर्चस्व’ के बारे में क्या बोले?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में अमेरिका और चीन को नई औपनिवेशिकता से आगाह किया। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस किसी भी तरह के नव-औपनिवेशिक या साम्राज्यवादी रवैये को स्वीकार नहीं करेगा। इस दौरान जयशंकर ने राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं।
विस्तार
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका और चीन को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने नई औपनिवेशिक शक्ति दबदबा को बढ़ावा देने वाले रवैये से पूरी तरह इंकार कर दिया है। मैक्रों ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांसीसी दूतावासों के सम्मेलन में कहा कि वे ऐसे किसी भी रुख का समर्थन नहीं करते जो पुराने औपनिवेशवाद जैसा हो या छोटे देशों की संप्रभुता को प्रभावित करे।
मैक्रों ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
मैक्रों ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह एक स्थापित शक्ति है, लेकिन धीरे-धीरे अपने कुछ सहयोगियों से दूर मुड़ रही है और अंतरराष्ट्रीय नियमों से अलग हो रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में अब महाशक्तियों के बीच दुनिया को बांटने की एक वास्तविक लालसा नजर आ रही है, जो छोटे राज्यों के हितों के लिए खतरनाक है।
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मैक्रों की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की विदेश नीति पर यूरोपीय नेतृत्व में चिंता बढ़ रही है, खासकर नाटो के भीतर और वेनेजुएला व ग्रीनलैंड जैसे विवादों के संदर्भ में। वेनेजुएला में अमेरिका का सैन्य अभियान और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की टिप्पणियों ने यूरोपीय राजनयिकों में गहरी सावधानी पैदा कर दी है।
जयशंकर ने मौक्रों से मुलाकात को लेकर क्या बोला?
जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात कर नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं पहुंचाने में खुशी हुई। उन्होंने कहा कि वैश्विक घटनाक्रमों पर राष्ट्रपति मैक्रों के विचारों की वे गहराई से सराहना करते हैं और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को लेकर उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को भी महत्व देते हैं। बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले महीने भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक स्तर पर भारत एआई-इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करने जा रहा है।