Jio IPO: रिलायंस जियो के आईपीओ पर क्या अपडेट? क्या चार अरब डॉलर जुटाने के लिए 2.5% हिस्सेदारी बेचेंगे अंबानी
Reliance JIO IPO News: रिलायंस जियो देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ ला सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी चार अरब डॉलर से अधिक जुटाने के लिए 2.5% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। जेफरीज ने कंपनी का वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर आंका है। जानिए रिलायंस जियो आईपीओ के बारे में क्या अटकलें चल रहीं।
विस्तार
एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर बाजार में सुगबुगाहट तेज है। मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से खबर है कि कंपनी इस साल अपना आईपीओ लाने पर विचार कर रही है, जो भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है।
जियो के आईपीओ से कितने पैसे जुटाने की तैयारी?
खबर है कि रिलायंस जियो अपनी 2.5% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यदि यह आईपीओ बाजार में आता है, तो इसकी वैल्यू चार अरब डॉलर (करीब 33,000 करोड़ रुपये से अधिक) से ज्यादा हो सकती है। यह आंकड़ा पिछले साल आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ को भी पीछे छोड़ देगा, जो अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ था।
आईपीओ में क्या रह सकता है जियो का वैल्यूएशन?
- नवंबर में इनवेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने रिलायंस जियो का वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर (करीब 15 लाख करोड़ रुपये) आंका था।
- इस वैल्यूएशन के आधार पर 2.5% हिस्सेदारी की बिक्री से कंपनी आसानी से 4.5 अरब डॉलर जुटा सकती है।
- सूत्रों का कहना है कि कुछ बैंकर्स इस कारोबार के लिए 200 अरब डॉलर से 240 अरब डॉलर तक के वैल्यूएशन का प्रस्ताव दे रहे हैं।
- रिलायंस ने अभी तक किसी निश्चित आंकड़े पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।
आईपीओ से पहले रिलायंस को किसका इंतजार?
सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस जियो केवल 2.5% शेयर लिस्ट करना चाहती है, लेकिन इसके लिए वह वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रही है। दरअसल, बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने बड़ी कंपनियों के आईपीओ के लिए न्यूनतम हिस्सेदारी बिक्री की सीमा को 5% से घटाकर 2.5% करने का प्रस्ताव दिया है, जो अभी विचाराधीन है। एक सूत्र ने बताया कि अगर कानून में बदलाव होता है, तो कंपनी 2.5% लिस्ट करना पसंद करेगी क्योंकि बाजार में शेयरों की कम आपूर्ति से इसकी कीमतों पर बहुत हद तक सकारात्मक असर पड़ता है।
कौन संभाल रहा आईपीओ की कमान?
- रिपोर्ट्स के अनुसार, हालांकि अभी जियो के आईपीओ के लिए औपचारिक नियुक्तियां नहीं हुई हैं, लेकिन मॉर्गन स्टेनली और कोटक के बैंकर्स पहले से ही रिलायंस के साथ मिलकर आईपीओ के कागजात तैयार करने पर काम कर रहे हैं।
- रिलायंस को उम्मीद है कि केकेआर, जनरल अटलांटिक और सिल्वर लेक जैसे विदेशी निवेशक, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कंपनी में निवेश किया था, इस आईपीओ के जरिए अपनी निकासी कर सकते हैं।
कब आ सकता है जियो का आईपीओ?
रिलायंस के कर्ताधर्ता मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में कहा था कि जियो '2026 की पहली छमाही' में लिस्ट होगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि लिस्टिंग की टाइमलाइन बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगी। इससे पहले 2019 में अंबानी ने पांच साल के भीतर जियो को लिस्ट करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया क्योंकि कंपनी एआई और अन्य डिजिटल व्यवसायों में विस्तार करके उच्च वैल्यूएशन हासिल करना चाहती थी।
कितना बड़ा है जियो का बाजार?
जियो 50 करोड़ से अधिक यूजर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर है। कंपनी ने एआई आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए एनवीडियाके साथ साझेदारी की है। रिलायंस की ओर से अब तक जियो के आईपीओ के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।