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India-US Trade: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रगति जारी, रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी कानून से बढ़ी चिंता
Thu, 13 Aug 2026 05:17 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 13 Aug 2026 05:17 PM IST
सार
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ी है। वहीं, अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने का अधिकार देने वाला लिंडसे ग्राहम अधिनियम पारित किया है, जिससे भारत की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
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भारत अमेरिका व्यापार समझौता (प्रतीकात्मक)
- फोटो : एडॉब स्टॉक
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विस्तार
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है। दोनों देश इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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अधिकारी ने बताया कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देगा। इसी बीच, अमेरिकी सीनेट ने लिंडसे ग्राहम अधिनियम पारित किया है। यह अधिनियम रूस से तेल खरीदने वाले शीर्ष देशों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने का अधिकार देता है। इस पर वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने इसे अमेरिका की आंतरिक प्रक्रिया बताया। भारत रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों में से एक है। यह अधिनियम भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह द्विपक्षीय व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा। इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। साथ ही, अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए अवसर खुलेंगे। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्ष इस समझौते को लेकर गंभीर हैं।
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रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी कानून का क्या असर होगा?
अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित लिंडसे ग्राहम अधिनियम रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी शुल्क लगा सकता है। यह कानून उन देशों को लक्षित करता है जो रूस के सबसे बड़े तेल खरीदार हैं। भारत रूस से कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है। हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने इसे अमेरिका की आंतरिक प्रक्रिया बताया।