IndusInd Bank: इंडसइंड बैंक का मुनाफा 72 फीसदी उछला, फिर भी क्यों छह फीसदी गिरे शेयर?
इंडसइंड बैंक के शेयरों में 72 फीसदी मुनाफा बढ़ने के बावजूद 6 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। जानें तिमाही नतीजों, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और ब्रोकरेज फर्म नुवामा की उम्मीदों के पीछे की वजह।
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निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक के शेयर गुरुवार को मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद दबाव में रहे। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 72 फीसदी बढ़कर 1,037 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, इस वृद्धि के बावजूद इंडसइंड बैंक के शेयर में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बीएसई पर 1,002.50 रुपये तक फिसल गया। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को इंडसइंड शेयर ने 52 हफ्ते का नया ऊंचा स्तर 1,077.80 रुपये बनाया था।
बैंक ने 22 जुलाई 2026 को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे घोषित किए थे। इसमें बैंक का मुनाफा जोरदार बढ़ा, लेकिन शुद्ध ब्याज आय लगभग स्थिर रही। यह वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही के 4,640 करोड़ रुपये से मामूली बढ़कर 4,685 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन एक साल पहले के 3.46 फीसदी से बढ़कर 3.57 फीसदी हो गया। बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी की मुख्य वजह प्रावधान और आकस्मिकता में कमी रही। यह खर्च वित्त वर्ष 2025-26 के 1,760 करोड़ रुपये से घटकर 1,384 करोड़ रुपये रह गया।
हाल की अवधि में बैंक के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। आज की गिरावट के बावजूद शेयर में एक महीने में लगभग 11 फीसदी की तेजी आई है। साल 2026 में अब तक शेयर 13 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है, वहीं एक साल में करीब 19 फीसदी का रिटर्न दिया है। हालांकि, तीन साल में इसमें लगभग 28 फीसदी की गिरावट रही है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में कैसे आया सुधार?
जून 2026 तिमाही में बैंक की परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घटकर 3.25 फीसदी रह गई। यह वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 3.64 फीसदी और मार्च 2026 तिमाही में 3.43 प्रतिशत थी। वहीं, शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति भी सुधरकर 0.95 फीसदी पर आ गई। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 1.12 फीसदी और मार्च 2026 तिमाही में 1 फीसदी थी।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा को क्या उम्मीदें हैं?
तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने इंडसइंड बैंक के शेयर पर अपनी खरीद की सिफारिश बरकरार रखी है। फर्म ने शेयर का लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 1,250 रुपये कर दिया है। यह वर्तमान स्तर से करीब 23 फीसदी की संभावित बढ़त का संकेत देता है। 23 जुलाई 2026 को 11 बजकर 20 मिनट पर बैंक का शेयर बीएसई पर 5.43 फीसदी की गिरावट के साथ 1,011.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
बैंक के भविष्य के लिए क्या योजना है?
नुवामा के अनुसार, बैंक की ऋण वृद्धि में तिमाही-दर-तिमाही बढ़ोतरी हुई है। बेहतर शुद्ध ब्याज आय और कम परिचालन खर्च के कारण कंपनी का मुनाफा अनुमान से 37 फीसदी अधिक रहा। बैंक प्रबंधन का कहना है कि सूक्ष्म वित्त पोर्टफोलियो में दबाव कम होने से परिसंपत्ति गुणवत्ता में आगे भी सुधार होगा। इससे प्रावधान का बोझ घटेगा और बैंक वित्त वर्ष 2026-27 के आखिर तक 1 फीसदी का परिसंपत्ति पर रिटर्न हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। नुवामा का मानना है कि नए प्रबंधन के तहत इंडसइंड बैंक का कारोबार वित्त वर्ष 2027 से संतुलित सुधार की राह पर है। वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 के दौरान परिसंपत्ति पर रिटर्न 0.8 फीसदी से 1.5 फीसदी तक पहुंच सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ पाठकों को सूचित करने के लिए है। बाजार में निवेश करने के अपने जोखिम होते हैं। यदि आप निवेशक के तौर पर बाजार में पैसे लगाना चाहते हैं तो इसके लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। अमर उजाला की ओर से कभी भी निवेश से जुड़ी सलाह नहीं दी जाती है।