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त्योहारों से पहले बढ़ी महंगाई: चीनी-चावल की कीमत 5% से अधिक बढ़ी, कमजोर मानसून और जमाखोरी के अलावा क्या कारण?

Tue, 04 Aug 2026 04:36 AM IST
ज्योति भास्कर बोनस डेस्क, नई दिल्ली।
बोनस डेस्क, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 04 Aug 2026 04:36 AM IST
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Inflation rises ahead of festives sugar and rice Prices hike over 5 pc weak monsoon and hoarding major reasons
महंगाई की आहट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-एआई

कमजोर मानसून, वैश्विक संकट और जमाखोरी ने देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही महंगाई बढ़ा दी है। एक माह में चीनी और चावल के दाम पांच फीसदी तक बढ़ गए हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, देशभर के बाजारों में चीनी की थोक कीमतें बीते एक महीने में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़कर औसतन 4,593 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई हैं। एक साल में दाम 7.64 फीसदी बढ़े हैं। वहीं, खुदरा बाजार में कीमत एक महीने पहले के 47.11 रुपये से बढ़कर 3 अगस्त, 2026 को 49.53 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई।

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उधर, चावल की अखिल भारतीय औसत दैनिक खुदरा कीमत मासिक आधार पर 2.27 फीसदी बढ़कर 3 अगस्त को 45.13 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। एक महीने पहले चावल की खुदरा कीमत 44.13 रुपये प्रति किलोग्राम थी। दक्षिण भारत के राज्यों, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में चावल की कीमत में प्रति किलोग्राम 10 से 15 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इससे न सिर्फ घरेलू बजट बिगड़ रहा है, बल्कि मासिक राशन का बिल भी बढ़ गया है।
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चेतावनी...50 फीसदी तक महंगा हो सकता है चावल
प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय के एक नीति पत्र ने चेतावनी दी है कि अगर अल-नीनो के कारण चावल उत्पादन में होने वाले नुकसान के साथ देश एहतियातन स्टॉक जमा करने लगे तो वैश्विक बाजार में दाम 30-50 फीसदी तक बढ़ेंगे

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  • वैश्विक अनिश्चितताओं, उर्वरक-ऊर्जा की बढ़ती लागत और एशिया के प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्रों पर अल-नीनो के खतरे ने मिलकर कीमतों में भारी उछाल का जोखिम पैदा कर दिया है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
चीनी की कीमतों में तेजी की वजह उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में पुराने स्टॉक का खत्म होना और इथेनॉल डायवर्जन है।

  • क्षेत्रीय स्तर पर आपूर्ति के इस असंतुलन का फायदा उठाकर सट्टेबाजों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका असर आगामी त्योहारी सीजन में मिठाइयों, बेकरी और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री पर पड़ेगा।
  • चावल की मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण अल-नीनो से जुड़ी गंभीर मौसमी स्थितियां, बारिश की कमी और जमाखोरी है। जमाखोरी से खुले बाजार में आपूर्ति कृत्रिम रूप से कम हो गई है एवं दाम और अधिक बढ़ गए हैं।

तांबा...वैश्विक बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर
लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे का तीन महीने का वायदा अनुबंध चढ़कर 13,842 डॉलर प्रति टन की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। वैशि्वक उत्पादन में 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी वाले देश चिली में अचानक बाढ़, शीतकालीन तूफानों और भारी बर्फबारी के कारण प्रमुख खदानों में कामकाज ठप हो गया है। इसके अलावा, डाटा सेंटरों और पावर ग्रिड इन्फ्रा से भारी मांग ने दाम और बढ़ाने का काम किया है। इससे आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, वाहन और घरेलू उपकरण महंगे हो सकते हैं।

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