Infosys Q3 Results: इंफोसिस का मुनाफा 2.2% घटा, लेकिन कंपनी ने बढ़ाया राजस्व अनुमान; जानिए क्या कह रहे आंकड़े
Infosys Q3 Results: इंफोसिस ने Q3 FY26 में 6,654 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। लेबर कोड शुल्क के कारण मुनाफे में 2.2% की गिरावट आई, लेकिन कंपनी ने राजस्व वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 3-3.5% कर दिया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
विस्तार
भारत की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 2.2 प्रतिशत गिरकर 6,654 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमानों से कम है। मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण लेबर कोड से संबंधित 1,289 करोड़ रुपये का एकमुश्त शुल्क रहा। हालांकि, कंपनी ने भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाते हुए अपने पूरे साल का राजस्व वृद्धि अनुमान बढ़ा दिया है।
कैसा रहा कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?
अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान इंफोसिस का परिचालन प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी की आय और मुनाफे के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं-
- राजस्व: कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 8.9 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
- मुनाफा: शुद्ध लाभ 6,654 करोड़ रुपये रहा, विश्लेषकों ने इसके 7,445 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।
- मार्जिन: रिपोर्टेड ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 21.3 प्रतिशत से घटकर 18.4 प्रतिशत रह गया।
- सौदा: कंपनी ने तिमाही के दौरान 4.8 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए, जिनमें से 57 प्रतिशत नए अनुबंध हैं।भ
भविष्य के लिए क्या अनुमान?
इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व विकास अनुमान को संशोधित किया है। कंपनी ने अब स्थिर मुद्रा के आधार पर राजस्व वृद्धि का अनुमान 3.0-3.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए अपने परिचालन मार्जिन गाइडेंस को 20-22 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।
कंपनी के प्रबंधन ने क्या कहा?
सीईओ और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा कि इंफोसिस का प्रदर्शन मुख्य रूप से एंटरप्राइज एआई (AI) आधारित पेशकशों से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा, "ग्राहक अब कंपनी को एक रणनीतिक एआई भागीदार के रूप में देख रहे हैं"। मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जयेश संघराजका ने बताया कि कंपनी ने तिमाही के दौरान 8,176 करोड़ रुपये का मजबूत फ्री कैश फ्लो जेनरेट किया है, जो कंपनी के अनुशासित पूंजी आवंटन को दर्शाता है।
अब आगे क्या?
नतीजों की घोषणा से पहले, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इंफोसिस के शेयर 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,608.9 रुपये पर बंद हुए। हालांकि, पिछले एक साल के प्रदर्शन को देखें तो इस शेयर में 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जिसने निफ्टी 50 बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। इंफोसिस के Q3 नतीजे बताते हैं कि एकमुश्त शुल्क के कारण शुद्ध लाभ पर असर पड़ा है, लेकिन बड़े सौदों की संख्या और राजस्व मार्गदर्शन में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कंपनी के पास मध्यम अवधि के लिए राजस्व की अच्छी दृश्यता है। एआई सेक्टर में बढ़ती पैठ और बेहतर कैश फ्लो आगामी तिमाहियों में निवेशकों के भरोसे को बहाल करने में सहायक हो सकते हैं।