तंगहाल पाकिस्तान के हसीन सपने: सीमा पार भुगतान के लिए करेगा क्रिप्टो का इस्तेमाल, जानिए किससे किया गया करार
Pakistan Stablecoins: आर्थिक मोर्चे पर लगातार चुनौतियों से जूझ रहे पाकिस्तान ने अपने सीमा पार भुगतान के लिए स्टेबलकॉइन्स का इस्तेमाल करने के लिए वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ एमओयू किया है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और जैक विटकॉफ ने इस साझेदारी का एलान किया है। आइए इस बारे में जानें।
विस्तार
पाकिस्तान ने अपनी आर्थिक चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस्लामाबाद ने बुधवार को अमेरिकी फर्म 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' से जुड़ी एक इकाई के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मकसद सीमा पार भुगतान के लिए 'स्टेबलकॉइन्स' के उपयोग की संभावनाओं को तलाशना और डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए पाकिस्तान को एक प्रमुख बाजार के रूप में स्थापित करना है।
क्या है यह समझौता?
यह समझौता पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और वर्ल्ड लिबर्टी के सह-संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक विटकॉफ के बीच हुआ। जैक विटकॉफ अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बेटे हैं, जो इस सौदे को कूटनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बनाता है। पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी (PVARA) ने बताया है कि वित्त मंत्रालय ने 'एससी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज एलएलसी' के साथ इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जो वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की एक संबद्ध इकाई है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री समझौते पर क्या बोले?
इस अवसर पर वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने भविष्य की वित्तीय प्रणालियों में नवाचार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों के साथ कदम मिलाकर चलना है। मंत्री के अनुसार, सरकार का ध्यान "विश्वसनीय वैश्विक खिलाड़ियों के साथ जुड़ने, नए वित्तीय मॉडलों को समझने और यह सुनिश्चित करने पर है कि नवाचार हमेशा नियामक ढांचे, स्थिरता और राष्ट्रीय हित के अनुरूप हो"। बैठक के दौरान विटकॉफ ने वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ सुरक्षित, अनुपालन-योग्य और पारदर्शी डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे पर भी विस्तृत चर्चा की। इसमें विशेष रूप से सीमा पार निपटान और विदेशी मुद्रा प्रक्रियाओं में नवाचार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पीवीएआरए के अनुसार, यह एमओयू वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल और पाकिस्तान के बीच लंबी बातचीत के बाद हुई है। इससे पहले अप्रैल में पाकिस्तान ने क्रिप्टो काउंसिल के साथ एक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके जरिए उभरती वित्तीय प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने और पारिस्थितिकी तंत्र-स्तर के संवाद की नींव रखी गई थी।
क्या हैं इस साझेदारी के मायने?
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: पाकिस्तान तेजी से खुद को वैश्विक डिजिटल वित्त परिदृश्य में एक गंभीर दावेदार के रूप में स्थापित कर रहा है।
- वाशिंगटन के साथ संबंध: यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने का प्रयास कर रहा है।
- तकनीकी विकास: अगली पीढ़ी के डिजिटल भुगतान और सीमा पार वित्त नवाचारों के माध्यम से विदेशी मुद्रा के प्रवाह को सुव्यवस्थित करने की योजना है।
पाकिस्तान की ओर से वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ किया गया यह समझौता उसकी अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में की गई कोशिश है। इससे जहां एक ओर यह तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देगा, वहीं दूसरी ओर विदेशी मुद्रा लेनदेन में पारदर्शिता लाने में भी यह कदम मददगार साबित हो सकता है।